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स्कूलों में थाली-गिलास वितरण पर रोक, जांच शुरू

Sat, 25 Mar 2017 10:26 PM IST
फैजाबाद
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शनिवार को महाजनी टोला प्रा. विद्यालय में मिड-डे मील खाते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय स्कूलों में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम लिखे थाली- गिलास वितरण संबंधी खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद इनके वितरण पर जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
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इसको लेकर शनिवार को शिक्षा विभाग से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मचा रहा। हाल यह रहा कि परिषदीय स्कूलों में बैक डेट में थाली-गिलास रिसीविंग के लिए दबाव बनाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बीएसए को तलब किया और उनसे मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है।

गौरतलब है कि अमर उजाला ने शनिवार को ‘बांटे जा रहे हैं अखिलेश के नाम लिखे थाली और गिलास’ को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बीएसए को अपराह्न तीन बजे कार्यालय में तलब किया।
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उन्होंने बीएसए योगेंद्र कुमार से जिले को कितनी आपूर्ति हुई है और कितने की डिमांड थी, सामान को स्कूलों तक पहुंचने में इतनी देरी क्यों हुई, इसमें अफसरों की गलती है या एजेंसी की, आदि विषयों पर पूछताछ की। इसके बाद जिलाधिकारी ने थाली-गिलास के वितरण रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। जिले के लगभग सभी ब्लॉकों के विभिन्न स्कूलों में थाली-गिलास भेजने की कोशिशें शनिवार को भी जारी रहीं। 

जिले के विभिन्न ब्लॉकों में ऐसे स्कूलों की तादाद काफी ज्यादा है जहां पर थाली और गिलास नहीं पहुंचे हैं। खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों पर गहमागहमी का माहौल रहा। हाल यह रहा कि जिन स्कूलों में थाली-गिलास नहीं गया हुआ था, वहां के प्रधानाध्यापकों को जल्द से जल्द थाली गिलास उठाने का दबाव डाला गया। जो नहीं पहुंचे, उनके स्कूलों तक भिजवाया भी गया। 

फिलहाल इस मुद्दे पर कोई भी खुलकर बोलने का तैयार नहीं है। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर थाली-गिलास वितरण की वास्तविक तिथि के बजाय बैक डेट पर रिसीव कराने का अभियान भी खूब चला। इसके कारण शिक्षकों में उहापोह की स्थिति बनी रही। तारुन, पूरा, मया बाजार, हैरिंग्टनगंज, बीकापुर, सोहावल, अमानीगंज आदि क्षेत्रों से ऐसी सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।

थाली-गिलास वितरण पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है, जिले को कितनी आपूर्ति हुई है और कितने की डिमांड थी। सामान को पहुंचने में इतनी देरी क्यों हुई। इसमें अफसरों की गलती है या एजेंसी की, आदि विभिन्न बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। बीएसए से पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। - विवेक, जिलाधिकारी

वितरण में किसकी लापरवाही थी, आखिर सभी स्कूलों तक समय से क्यों नहीं पहुंच पाई, सभी तथ्यों को लेकर जांच कर रहे हैं। वजन कम होने के कारण एक बार जांच में रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद आचार संहिता लागू हो गई जिसके कारण थोड़ा सा विलंब हुआ। - योगेंद्र कुमार, बीएसए
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