चौरेबाजार। बीकापर के परोमा गांव में एक सूखे कुएं में दुर्लभ प्रजाति की मानी जाने वाली सेही गिर गई। सूचना पर वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी दिनेश चौहान ने बताया कि वनकर्मी हृदय राम, अरविंद कुमार, मुकेश ने कड़ी मशक्कत के बाद सेही को कुएं से बाहर निकाला। उसे जंगल में छोड़ दिया गया है।
बताते हैं कि सेही हिमालय में यह 2400 मीटर तक की ऊंचाई में पाया जाता है। इसकी लंबाई 63-91 सेमी., पूंछ की लंबाई 15-30 सेमी. और वजन 5-6 किलो होता है। इसके शरीर के बाल मोटे, मजबूत और नुकीले होते हैं जो इसे परभक्षियों से बचने में मदद करते हैं।
इन बालों को सेही के कांटे भी कहते हैं। सेही के शरीर हिलाने पर यह कांटे झड़ते हैं, लेकिन यह धारणा गलत है कि सेही इन कांटों को अपने दुश्मन पर फेंक सकता है। यह एक शाकाहारी प्राणी है जो पत्ती, घास और छोटे पौधे खाता है।
गर्भकाल 210 दिन का होता है। एक बार में मादा 1 से 4 बच्चों को जन्म देती है। भारतीय सेही का फैलाव तुर्की, भूमध्य सागर से लेकर दक्षिण-पश्चिम व मध्य एशिया (अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान सहित) एवं दक्षिण एशिया (पाकिस्तान, भारत, नेपाल व श्रीलंका) और चीन तक में है।