रामजन्म भूमि परिसर के समीप गणपति भवन में अनुष्ठान करते वैदिक आचार्य
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राममंदिर का 60 फीसदी काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही रामलला को भव्य गर्भगृह में प्रतिष्ठित करने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्राण प्रतिष्ठा का धार्मिक अनुष्ठान भी शुरू करवा दिया है। जो रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने तक चलेगा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में अब महज 11 माह का समय बचा है। ऐसे में मंदिर निर्माण में कोई विघ्न बाधा न आए इस कामना से वसंत पंचमी के दिन शुभ मुहूर्त में वैदिक आचार्यों ने विशेष अनुष्ठान शुरू किया है। पहले दिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इसके मुख्य यजमान थे।
उल्लेखनीय है कि राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण की विघ्न बाधा निवारण की कामना से एक अनुष्ठान वर्ष 2020 से ही चल रहा है। बताया जा रहा है कि वसंत पंचमी से शुरू हुआ अनुष्ठान राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होने तक चलेगा। हर रोज पूजा के लिए नए यजमान पूजन में शामिल होंगे। कारसेवकपुरम स्थित वेद विद्यालय के प्रमुख आचार्य पंडित इंद्र देव मिश्रा व आचार्य दुर्गा प्रसाद मिश्रा के निर्देशन में पूजन का क्रम चल रहा है। अब तक 100 से अधिक यजमानों की सूची भी तैयार कर कर ली गई है।
गर्भगृह में लग चुके हैं 60 हजार घनफीट पत्थर
मंदिर के गर्भ गृह में अब तक 60 हजार घनफीट पत्थर बिछाई जा चुके हैं। भूतल में 166 लाख घन फीट पत्थर लगने हैं। गर्भ गृह के चारों ओर दीवारें बन गई है। मंदिर की दीवारें 13 लेयर में बननी हैं। इनमें से नौ लेयर डाली जा चुकी हैं। भूतल के सभी 170 स्तंभ भी लगा दिए गए हैं। ट्रस्ट का कहना है कि 21 दिसंबर 2023 से मकर संक्रांति 2024 के बीच शुभ तिथि में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।