अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि की पैरवी करने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं को शनिवार को विश्व हिंदू परिषद की ओर से कारसेवकपुरम में हुए समारोह में सम्मानित किया गया।
अयोध्या के संत धर्माचार्यों की मौजूदगी में विहिप के शीर्ष पदाधिकारियों ने मुकदमे में मुख्य भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन व सीएस वैैद्यनाथन के साथ उनकी पूरी टीम के सम्मान के साथ प्रशंसा भी की। कार्यक्रम में श्रीरामजन्भूमि आंदोलन के दौरान शहीद हुए कारसेवकों के परिवारीजनों को भी सम्मान से नवाजा गया।
सम्मान समारोह में श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि हम वो दिन भूले नहीं हैं कि जब गांव-गांव जाकर युवाओं को प्रोत्साहित करके लाया जाता था।
रामजी ने जिसको जो भूमिका दी, उसने अपनी भूमिका का निर्वहन करके मंदिर निर्माण में योगदान दिया। साध्वी ने अधिवक्ता के परासरन और सीएस वैद्यनाथन का तिलक कर सम्मानित किया।
अध्यक्षता कर रहे श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अयोध्या भूमि विश्व की सबसे पावन भूमि है क्योंकि यहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ है।
उनकी जन्मभूमि पर चल रहे विवाद को सुप्रीम कोर्ट से हल करवाने वाले अधिवक्तागण सम्मान के पात्र हैं। कार्यक्रम में दशरथ महल के महंत बिंदुगद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य, जगद्गुरु रामानुजाचार्य विद्या भास्कर जी महाराज, जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री धराचार्य जी महाराज, गोलाघाट के महंत सिया किशोरी चरण, राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, जितेंद्र आनंद सरस्वती, बड़े भक्तमाल के महंत अवधेश दास, उदासीन आश्रम के महंत भरत दास, तिवारी मंदिर के महंत गिरीश पति त्रिपाठी, मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, विहिप के पदाधिकारी दिनेश जी, पुरुषोत्तम नारायन सिंह, अंबरीश समेत सांसद लल्लू सिंह, विधायकगण वेद गुप्ता, गोरखनाथ बाबा, रामचंद्र यादव, शोभा सिंह व अन्य उपस्थित रहे।
रामनगरी में शब्द रूपी सम्मान से किया गया सम्मानित : चंपत राय
समारोह सम्मान का संचालन कर रहे विहिप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि अयोध्या मामले में एक पूरी टीम काम कर रही थी, जिसमें 65 से 70 अधिवक्ता लगे हुए थे। जब से मामला सुप्रीम कोर्ट में गया, तबसे दिन रात तथ्यों का अध्ययन होता था, इसमें सभी अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई। इसके लिए आज भगवान श्रीराम की नगरी में शब्द रूपी सम्मान से अयोध्या के संतों द्वारा इन महान विभूतियों का सम्मान किया गया। कहा कि एक-एक सुनवाई की लाखों रुपये लेने वाले अधिवक्ताओं ने इस केस पर एक रुपये भी नहीं लिये। कहा कि अगर राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े सभी दस्तावेजों को अयोध्या लाया जाए तो एक ट्रक बुक करना पड़ेगा, हम प्रयास करेंगे कि सारे दस्तावेज अयोध्या आए।
इनका हुआ सम्मान
सम्मानित होने वाले अधिवक्ताओं में के परासरन, सीएस वैद्यनाथन, मदन मोहन पांडे, विक्रमजीत बनर्जी, पीवी योगेश्वरन, रिटायर्ड न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ, अधिवक्ता श्रीधर पोटा राजू, भक्ति वर्धन सिंह, स्वरूपमा चतुर्वेदी, मुकुल सिंह, संतोष कुमार, अमित शर्मा, प्रवीण जी, शुभेंदु आनंद, आयुष आनंद, अनिरूद्ध शर्मा, महेंद्र सिंह, वैभव चड्ढा समेत अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। इन्हें अंग वस्त्र राम जन्म भूमि मंदिर का मॉडल देकर के सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में शहीद कारसेवकों के परिवारीजनों को भी सम्मानित किया। इनमें शहीद रमेश चंद्र मिश्र के पुत्र दिवाकर नाथ मिश्र, महावीर अग्रवाल के पुत्र अभिषेक अग्रवाल, रमेश पांडे के पुत्र सुरेश पांडे, बासुदेव गुप्ता के पुत्र संजय गुप्ता शामिल रहे।