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रामायण के पात्रों पर 51 पुस्तकें लिख बनाया रिकार्ड

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होनहार मृगेंद्र। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। आज के अभिमन्यु नाम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त कर चुके 12 साल के मृगेंद्र राज ने पांचवां वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर रामनगरी का नाम रोशन किया है।
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150 पुस्तकों की रचना, 81 लोगों की बायोग्राफी व पांच वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित सैकड़ों अन्य अवार्ड मृगेंद्र राज की यह उपलब्धि अचंभित कर देने वाली है।
अभी हाल ही में मृगेंद्र ने रामायण के विविध पात्रों पर अलग-अलग 51 पुस्तकें लिखकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। गोल्डन बुक ने इस उपलब्धि के लिए मृगेंद्र का नाम मोस्ट करेक्टर ऑफ ए रिलीजियस बुक ऑथर्ड बाई एन इंडीवीजुअल...में शामिल किया है।
जिंगल बेल स्कूल के कक्षा सात के छात्र मृगेंद्र राज ने छह वर्ष की उम्र में ही काव्य संग्रह लिखकर अपनी विलक्षण प्रतिभा का संकेत दे दिया था। जिस उम्र में लोग ठीक से क, ख,ग नहीं पढ़ पाते उस उम्र में मृगेंद्र कई सवालों का जवाब पलक झपकते ही देते थे। मृगेंद्र अब तक 81 लोगों की बायोग्राफी सहित 150 पुस्तकें लिख चुके हैं।
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मृगेंद्र को लंदन स्थित वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनिवर्सिटी की ओर से सीधे डॉक्टरेट करने का भी आमंत्रण मिल चुका है। अद्भुत बच्चे की कलम अन्य विषयों पर भी चलती रहती है। मसलन नदी प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर इसने पुस्तक लिखी है। इसके अलावा सामाजिक मुद्दों को लेकर दो विशिष्ट उपन्यास भी लिखे हैं।
भगवान श्रीराम पर रचित एक पुस्तक में मृगेंद्र का गजब का नजरिया और बेजोड़ लेखनशैली दिखती है। अनेक बार इस बच्चे ने टेलीविजन के विभिन्न कार्यक्रमों में कठिन से कठिन प्रश्नों का बड़ी सहजता से उत्तर देकर विद्वानों को भी आश्चर्यचकित किया है।
मृगेंद्र मुख्यमंत्री योगी पर लिखी पुस्तक उन्हें भेंट करने की चाहत के साथ पुन: कुछ नए विषयों पर अपनी कलम को धार देने का काम कर रहे हैं। वे कहते हैं कि अच्छा लिखना के लिए अच्छा पढ़ना जरूरी है।
मृगेंद्र के अब तक के रिकॉर्ड
मृगेंद्र राज पिछले पांच वर्षों से हर साल एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रहे हैं। मृगेंद्र ने छ: वर्ष की उम्र में 2014 में उद्भव नामक काव्य संग्रह लिखकर यंगेस्ट पोएट ऑफ द वर्ल्ड का रिकॉर्ड दर्ज कराया था। 2016 में नौ विविध विषयों की पुस्तकें लिखकर यंगेस्ट मल्टी डायमेंशनल राइटर ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराया। 2017 में यंगेस्ट प्रोलोफिक राइटर ऑफ द वर्ल्ड तथा वर्ष 2018 में महज 11 वर्ष की आयु में 53 शख्सियतों की बायोग्राफी लिखकर यंगेस्ट टू आथर मोस्ट बायोग्राफी का वर्ल्ड रिकार्ड बना चुके हैं।
होनहार की उड़ान में आर्थिक तंगी है बाधक
मृगेंद्र के पिता राजेश पांडेय गन्ना विभाग में कार्यरत हैं। माता डॉ. शक्ति पांडेय सुलतानपुर स्थित गनपत सहाय महाविद्यालय में शिक्षिका हैं। कदम-कदम पर आर्थिक तंगी आड़े आने के चलते इस होनहार की उड़ान में रुकावटें आती रहती हैं। फिर भी माता-पिता द्वारा कर्ज लेकर इसके पंखों को ताकत भरने में पूर्ण समर्पण दिखता है। पिता राजेश पांडेय कहते हैं कि मृगेंद्र के इस महायज्ञ में वह अपने जीवन की सारी पूंजी की आहुति कर रहे हैं।
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