फैजाबाद में सोमवार को विकासभवन स्थित पीएनबी की शाखा पर पैसे की निकासी के लिए लगी लोगों की कतार ।
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के बाद से जिलेभर में नकदी संकट ने बैंकिंग व्यवस्था बेपटरी हो गई थी। हालात इतने बदतर थे कि वेतन व पेंशनभोगियों को प्रदर्शन तक करना पड़ा। देहात में कई जगह नो कैश के चलते सड़क जाम, प्रदर्शन, बैंकों में तालाबंदी के साथ बैंककर्मियों को घंटों बंधक रहना पड़ा।
मगर नोटबंदी के 42वें दिन सोमवार को आरबीआई से करीब सवा दो सौ करोड़ की करेंसी जैसे ही गोरखपुर के रास्ते यहां की चेस्टों में पहुंची, बैंकिंग व्यवस्था पटरी पर आती दिखी। एटीएम भी 80 फीसदी चालू हो गए हैं।
कैश आने की सूचना पर सोमवार को लोगों की भीड़ सुबह से ही बैंकों पर पहुंचने लगी। 11 बजते ही हर जगह सैकड़ों लोगों की लंबी कतारें लग गईं। एसबीआई मुख्य शाखा नाका निवासी अर्जुन वर्मा को 10 हजार का पूरा विड्रॉल मिला, तो पॉलीटेक्निक कर्मी लल्लन प्रसाद को 8 हजार मिला।
रुदौली निवासी सफाईकर्मी दिनेश चंद्र को पीएनबी विकास भवन शाखा से पूरा चार हजार का विड्रॉल मिला। इसी शाखा से अमानीगंज रामसजीवन को भी 10 हजार मिले। कई दिन से बंद एक्सिस बैंक के एटीएम से दो-दो हजार निकल रहा था, यहां अमानीगंज विनय प्रताप सिंह ने कहा अब राहत मिल गई है।
एसडीएफसी एटीएम पर नियावा निवासी रामजीवन मिश्र व अंगद कुमार को भी दो-दो हजार मिले। एसबीआई एटीएम पर अरविंद व घनश्याम भी कैश पाकर खुश थे। सोहावल, रुदौली, बीकापुर, मिल्कीपुर, मया, पूरा, गोसाइईगंज आदि इलाकों में भी बैंकों से नकदी विड्रॉल होती रही।