उड़ीसा के जगन्नाथपुरी की परंपरा के तहत बुधवार को रामनगरी में भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। संतों व धर्माचार्यों के नेतृत्व में निकली यात्रा में श्रद्धालु जयकारे लगा रहे थे। यात्रा के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।
मंगलवार शाम को हुई बारिश से यात्रा मार्ग पर जलभराव व खराब मार्ग को लेकर लोग परेशान हुए। भगवान जगन्नाथ जयंती पर्व पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रथयात्रा को लेकर सप्ताह भर से मंदिरों में उत्सव का माहौल रहा।
विवादित परिसर से सटे प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में भजन-कीर्तन आदि के कार्यक्रम हुए। मंदिर में सुबह हुई विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ की झांकी सजाई गई। दूसरी बेला में चार बजे के बाद मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकली।
इसी तरह कनक भवन, लवकुश मंदिर, बड़ा स्थान, हनुमान गढ़ी, श्रीमणिराम दास की छावनी, चार धाम मंदिर, राम कचेहरी, श्रीरामहर्षण कुंज, श्रीरघुनाथ दास जी की बड़ी छावनी, श्रीराम बल्लभाकुंज, बड़ास्थान जानकी घाट, लक्ष्मण किला, सियाराम किला, सहित अन्य मंदिरों से भी गाजे-बाजे के बीच नगर के विभिन्न मार्गों से रथयात्रा निकली।
यात्रा में शामिल संत, धर्माचार्य व श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगा रहे थे। यात्रा हनुमानगढ़ी चौराहा, रानीबाजार चौराहा, रामघाट होते हुए सरयू तट संत तुलसी दास घाट पहुंची। यहां पर मां सरयू का पूजन-अर्चन करने के बाद वापस मंदिरों में लौट गई। रथयात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा व आरती उतार कर स्वागत किया। देर शाम तक मंदिरों से यात्राएं निकलती रही।