अयोध्या। कोरोना का खौफ ताक पर रखकर रामनगरी एक बार फिर से भक्तों से गुलजार होने लगी है। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राममंदिर निर्माण के लिए हुए भूमिपूजन के बाद से ही श्रद्घालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। रामलला के दरबार से लेकर सरयू तट तक भक्तों में दर्शन-पूजन का उत्साह दिख रहा है।
प्रदेश में शनिवार व रविवार को लॉकडाउन घोषित है। बावजूद इसके रविवार को रामनगरी भक्तों से गुलजार नजर आई। मुख्य मार्ग पर तो दुकानें बंद रहीं और सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन हनुमानगढ़ी, कनकभवन व रामलला के दरबार में भक्तों की कतार लगी रही।
विभिन्न प्रांतों एवं जिलों से अयोध्या पहुंच रहे भक्त रामलला, हनुमानगढ़ी व कनकभवन के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। शाम को सरयू तट पर भी भक्तों का उत्साह नजर आ रहा है। सरयू आरती में सरयू मैया के जयघोष के साथ जय श्रीराम का भी जयघोष गूंज रहा है।
बस्ती निवासी प्रवीण सिंह, धीरज सिंह, करन पाठक, संदीप मिश्रा हनुमानगढ़ी में दर्शन करके रामजन्मभूमि दर्शनमार्ग की ओर पूरे उत्साह से बढ़े चले जा रहे थे। कहा कि हम युवाओं के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि अपनी आंखों से रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य देख सकेंगे। यदि मौका मिले तो राममंदिर निर्माण में कारसेवा भी करने की हमारी इच्छा है।
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने बताया कि भूमिपूजन के बाद से अचानक ही भक्तों की संख्या बढ़ गयी है। कोरोना के नियमों का पालन करते हुए भक्तों को सिर्फ दर्शन कराया जा रहा है। उनसे प्रसाद न लाने की अपील की जा रही है।
बताया कि प्रतिदिन पांच हजार से अधिक भक्त हनुमानगढ़ी के दरबार में माथा टेक रहे हैं। राममंदिर का निर्माण शुरू होने को लेकर भक्त उत्साहित हैं और हनुमान जी के दरबार में कृतज्ञता ज्ञापित करते नजर आते हैं। वहीं रामलला के दरबार में भी भक्तों की कतार लग रही है। रविवार को करीब 1400 भक्तों ने रामलला का दर्शन-पूजन किया।
कोरोना काल में भी रामलला के दर्शन की अभिलाषा खींच लाई
रामलला के दर्शन कर लौट रहे कानपुर के व्यवसायी जसवंत गुप्ता के चेहरे पर संतोष का भाव नजर आ रहा था। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी रामलला के दर्शन की अभिलाषा हमें अयोध्या खींच लाईं। राममंदिर निर्माण शुरू होने की इतनी खुशी है कि बता नहीं सकते। भूमि पूजन के बाद ही यह तय कर लिया था कि कुछ भी हो जाए अब रामलला का दर्शन करने जरूर जाऊंगा। अभिलाषा पूरी हुई। दिल्ली निवासी संजय शर्मा भी रामलला का दर्शन कर प्रसन्न नजर आए। कहा कि जब से भगवान टेंट से निकलकर अस्थाई मंदिर में विराजे थे तभी से उनके दर्शन-पूजन की इच्छा मन में चल रही थी। ये तो कोरोना की बंदिशों के चलते इतने दिन इंतजार करना पड़ा, लेकिन पांच अगस्त को जब रामलला के भव्य मंदिर की नींव पड़ी तो हम खुद को नहीं रोक पाए और रामलला का दर्शन पहली बार टेंट से बाहर अस्थाई मंदिर में करके आत्मसंतोष व प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है।