अयोध्या। अयोध्या शोध संस्थान अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। संस्थान को हाईटेक करने के लिए योगी सरकार ने 18 करोड़ का बजट दिया है, इससे संस्थान की गतिविधियों को डिजिटलाइज्ड करते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की तैयारी है।
शासन से 14 करोड़ अवमुक्त होने के साथ ही इसकी डिजाइन व ले-आउट पर भी मुहर लग गई है। एक सप्ताह के भीतर काम शुरू हो जाएगा। कार्य पूरा होते ही देश-विदेश के लोग घर बैठे ऑनलाइन रामलीलाएं देख सकेंगे।
योगी सरकार आने से पहले अयोध्या शोध संस्थान बदहाली से जूझ रहा था। यहां होने वाली अनवरत रामलीला के मंचन को धन की कमी बताते हुए सपा सरकार ने हाथ खींच लिया था। इससे रामलीलाएं बंद हो गईं और तमाम कलाकार बेरोजगार हो गए।
मुख्यमंत्री योगी ने कमान संभालते ही अयोध्या शोध संस्थान में बंद पड़ी रामलीला के मंचन को अनवरत शुरू कराने का किया। इसके बाद एंटीक सामानों को सजाने का काम तेज हुआ। कुछ महीनों पूर्व ही अयोध्या शोध संस्थान में कोदंड राम की 7 फीट की प्रतिमा की स्थापना भी मुख्यमंत्री ने की थी। यह वास्तुकला का नायाब नमूना है। उन्होंने अयोध्या शोध संस्थान को हाईटेक करने व इसके विस्तार की योजना बनाने का निर्देश दिया था।
इसके बाद डिजाइन व लेआउट तैयार किया गया, इसी बीच कोरोना के चलते काम में देरी हुई। अब एक सप्ताह के भीतर संस्थान को हाईटेक करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। यहां की गतिविधियां डिजिटल हो जाएंगी। देश-विदेश के लोग घर बैठे बस एक क्लिक में ऑनलाइन रामलीलाएं देख सकेंगे। नया शोध संस्थान चार मंजिला होगा, डिजिटल सेवाओं से लैस होने के साथ-साथ कांफ्रेंस हाल, कार्यालय, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, हस्तशिल्प संग्रह आदि सुविधाएं से भी संस्थान सुसज्जित होगा।
अब इन्हें ऑनलाइन देख सकेंगे लोग
अयोध्या संस्थान में इंडोनेशिया, अमेरिका, त्रिनिडाड, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, सूरीनाम, रूस, लाओस, फिजी सहित करीब 30 देशों की रामलीला सामग्रियों का संग्रह व हस्तशिल्प में देश के विभिन्न कोने से रामकथा का संकलन, टेरोकोटा के माध्यम से विभिन्न शैलियों में रामकथा अंकन समेत विभिन्न चित्र शैलियों में रामकथा का चित्रांकन आकर्षण का केंद्र है। लोग इन्हें अब ऑनलाइन देख सकेंगे। संस्थान में होने वाले अनवरत रामलीला को भी घर बैठे लोग डिजिटल तरीके से देख पाएंगे, इसकी व्यवस्था की जा रही है।
संस्थान के उच्चीकरण के लिए 14 करोड़ अवमुक्त हो गए हैं। नया संस्थान चार मंजिला होगा, डिजीटल सेवाओं से लैस होने के साथ-साथ कांफ्रेंस हाल, कार्यालय, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, हस्तशिल्पसंग्रह आदि सुविधाएं से भी संस्थान सुसज्जित होगा। एक सप्ताह के भीतर काम शुरू होने जा रहा है।
वाईपी सिंह, निदेशक, अयोध्या शोध संस्थान