जुड़वा नगरों में मंगलवार को छठ पूजा की धूम रही। अस्ताचलगामी कार्तिक शुक्ल षष्ठी के सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पतित पावनी सरयू के तट पर भक्तों की भारी भीड़ रही।
सरयू जल के अलावा दूध आदि अन्य सामग्रियों से भक्तों ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। अर्घ्य के बाद सूर्य देव को गन्ना सहित भांति-भांति के फलों का भोग लगाया गया।
छठयोत्सव पर्व पर सूर्यास्त के साथ ही सरयू तट पर ही नहीं उस ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अयोध्या में संत तुलसदास घाट सहित अन्य घाटों पर पर्व को लेकर मेले का माहौल रहा।
हिलाओं ने विधिपूर्वक भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भास्कर का पूजन-अर्चन किया। रामनगरी में सरयू के संत तुलसीदास घाट पर प्रतिवर्ष की भांति सरयू अवध बालक समाज के दो दिवसीय छठ्योत्सव पर्व महोत्सव सुबह नौ बजे सीताराम नाम संकीर्तन व सूर्य नारायण के पूजन के साथ आरंभ हुआ।
शाम पांच बजे सूर्यास्त षष्ठी की महाआरती और सूर्य नारायण भगवान की आकर्षक झांकी सजाई गई। भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय, महंत जन्मेजय शरण, अध्यक्षता पत्थर मंदिर के महंत जयराम दास, विशिष्ट अतिथि महंत करुणानिधान शरण, महंत जनार्दन दास रहे।
समाज के मीडिया प्रभारी अनुराग मिश्र ने बताया कि 18 नवंबर बुधवार को सुबह छह बजकर 38 मिनट पर सप्तमी तिथि पर सूर्योदय की महाआरती की जाएगी।
उसके पश्चात मूर्ति विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन होगा। इस अवसर पर समिति के संरक्षक नंद कुमार मिश्र पेड़ा महाराज, विंध्याचल के महंत घूरन महाराज, आदित्य नारायण ठाकुर, अध्यक्ष कृष्ण कुमार मौजूद रहे।