विवादित परिसर स्थित रामलला रविवार को नए टेंट में विराजमान हो गए। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की में बना खास तिरपाल बांस-बल्लियों पर कस दिया गया। रिसीवर, मजिस्ट्रेट समेत एएसआई और पक्षकारों की मौजूदगी में काम पूरा हुआ। हालांकि इसमें एक माह के तीन रविवार लगे।
विराजमान रामलला का तिरपाल 2014 में बदले जाने के छह माह में ही फटने के कारण टपकने लगा था। पक्षकारों की शिकायत व मजिस्ट्रेटों की रिपोर्ट के बाद तिरपाल बदलने के लिए सुप्रीमकोर्ट में अर्जी दी गई थी, जहां से 10 अगस्त 2015 को इसकी अनुमति मिली।
सीबीआरआई रुड़की में बनाया गया खास तिरपाल 8 नवंबर को अयोध्या पहुंचा व 22 नवंबर को इसे बदलने का काम शुरू हुआ। 13 दिसंबर और फिर आज आव्जर्वर व पक्षकारों की उपस्थिति में यह काम पूरा हो गया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक तिरपाल की मजबूती का खास ख्याल रखा गया है।
400 वर्गमीटर का तिरपाल फायर व वाटर प्रूफ है, इसके साथ ही मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर की कुछ जर्जर बल्लियों को भी बदला गया है। तिरपाल बनाने में 11.40 लाख रुपये की लागत आई है। इस पर बंदरों की उछल-कूद का कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रभारी रिसीवर व डीएम अनिल ढींगरा ने तिरपाल का काम पूरा होने की पुष्टि की है।
तिरपाल बदलने के दौरान एएसआई के एए हाशमी, नीरज सिन्हा, एसबी शुक्ला, पर्यवेक्षक टीएन खान, एसके सिंह समेत मंदिर-मस्जिद विवाद से जुड़े पक्षकार आरएल वर्मा, हाजी महबूब, त्रिलोकीनाथ पांडेय, पुजारी रामदास, हरदयाल शास्त्री, एम हसबुल्लाह, खालिक अहमद मौजूद रहे।
रामलला को मंगवाया स्वेटर
पक्षकार धर्मदास के प्रतिनिधि हरदयाल शास्त्री ने कहा कि उन्होंने ठंड के मद्देनजर रामलला को स्वेटर भेंट करने का प्रस्ताव किया तो प्रभारी रिसीवर व डीएम अनिल ढींगरा समेत सभी ने दानपात्र की रकम से नया स्वेटर मंगवाया। इसे रामलला को पहना दिया गया है।
अब रामलला होंगे सुरक्षित
शहर के सहादतगंज निवासी सोनू सिंह ने दर्शन कर वापस लौटते समय कहा कि तिरपाल बदल जाने से अब रामलला सुरक्षित हो जाएंगे।
बहुत पहले ही बदला जाना था तिरपाल
लखनऊ निवासी स्वयंवर सिंह रामलला के आशियाने का तिरपाल बदलकर नया किए जाने पर खुशी जाहिर करते हैं। कहते हैं यह कार्य बहुत पहले ही पूरा किया जना चाहिए था।
आखिर रामलला आ गए नए टेंट में
शहर के साहबगंज निवासी दुर्गेश कहते हैं कि लंबे समय से पुराने व जर्जर तिरपाल में रह रहे रामलला आखिरकार अब नए आशियाने में आ गए हैं। रामलला में आस्था रखने वाले सभी भक्तों में खुशी है।
तिरपाल नहीं मंदिर में विराजें तो होगी खुशी
लखनऊ के रहने वाले ओंकार यादव रामलला के नए तिरपाल को लेकर खुशी तो जताते हैं लेकिन कहते हैं कि असलियत में उनमें श्रद्धा रखने वालों को सच्ची खुशी जब वह भव्य मंदिर में विराजेंगे तभी मिलेगी।