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रामायण जीवन का आधार : माताप्रसाद

Sat, 03 Dec 2016 11:00 PM IST
फैजाबाद
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अयोध्या में शनिवार को 35वें रामायण मेले में मंचस्थ संत व विधानसभा अध्यक्ष। - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि रामायण हमारे जीवन का आधार है। संत तुलसीदास जी ने श्रीरामचरित मानस की रचना कर भगवान श्रीराम के चरित्र, मर्यादा व जीवन दर्शन को साधारण जनता तक पहुंचाने का कार्य किया है।
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हमारी संस्कृति राम, कृष्ण व शंकर के इर्द-गिर्द घूमती है। कहा कि भगवान श्रीराम की व्यापकता का आधार है रामायण। आज राम का आदर्श और भारतीय संस्कृति विकृत हो रही है, ऐसे में रामायण मेले की प्रासंगिकता बनती है।

श्रीपांडेय शनिवार को रामकथा पार्क में आयोजित चार दिवसीय 35वें रामायण मेले का बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राम केवल अयोध्या के नहीं बल्कि पूरी सृष्टि के हैं। जापान, थाइलैंड, इंडोनेशिया जैसे देशों में भी राम की पूजा होती है।
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कहा कि आज रामायण पढ़ने की परंपरा समाप्त हो रही है, उपभोक्तावाद हावी हो रहा है। ऐसे में रामचरितमानस को अपनाना होगा। श्रीपांडेय ने कहा कि भगवान राम ने सभी को गले लगाया। कमजोर दुखी लोगों को सहारा देने की जरूरत है यही रामायण का उपदेश है, यही राम का संदेश है।

विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री तेजनारायण पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अयोध्या का मान-सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है। अयोध्या में शीघ्र ही भजनस्थल का निर्माण होगा। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष व रामायण मेला समिति के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि राम का आदर्श बेहतर समाज निर्माण को जरूरी है। 

रामायण मेला समिति के महामंत्री शीतला सिंह ने कहा कि रामायण व रामलीला की प्रासंगिता पूरे विश्व में है। इस मौके पर मेला समिति से प्रकाशित तुलसी दल के 35वें अंक का लोकार्पण मुख्य अतिथि व संत-धर्माचार्यों ने किया। समारोह में जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य, महंत कौशल किशोर शरण फलाहारी, महंत जन्मेजय शरण, महंत. भवनाथ दास, महंत. सुरेश दास आदि मौजूद रहे।
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