अयोध्या। देश वर्तमान में कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में कोरोना के खात्मे व मुल्क की सलामती के लिए अनुष्ठान, दुआओं का दौर भी तेज हो गया है। इस समय रमजान का पाक माह चल रहा है। इस पाक माह में रोजेदार मुल्क की सलामती की दुआ मांग कर रहे हैं। रोजे की नमाज में कोरोना के शीघ्र खात्मे की कामना से खुदा के समक्ष अर्जी लगाई जा रही है।
अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी का कहना है कि कुरान में साफ-साफ लिखा है कि जब देश में ऐसे कोई बीमारी आ जाए, जो एक से दूसरे में फैलने वाली हो तो लोगों को एकजुटता के साथ इससे लड़ना होगा। हमारे देश में यही स्थिति है। कोरोना धर्म, मजहब देखकर लोगों को संक्रमित नहीं कर रहा।
इसलिए इस बीमारी से लड़ने के लिए हमें भी एकजुट होकर सरकार के बताए नियमों का पालन करना चाहिए। बबलू खान रमजान के पाक माह में रोजा रख रहे हैं। वे कहते हैं कि कोरोना मानवता पर बड़ा संकट है। रोजे की नमाज में सपरिवार मुल्क की समालती की दुआ हम कर रहे हैं। साथ ही साथ कालाबाजारी करने वालों की सद् बुद्धि के लिए भी प्रार्थना की जा रही है।
हाजी सईद अहमद रमजान माह में पूरे नियम व संयम से रहते हैं। कहा कि रमजान के पाक माह में अल्लाह से मांगी की दुआ जरूर कबूल होती है। आज कोरोना की वजह से हमारा हिंदुस्तान संकट में है। इसलिए मुल्क की सलामती के लिए अर्जी लगाना ही सही माएने में इबादत है। शोयब खान भी रोजे की नमाज में कोरोना के शीघ्र खात्मे के लिए प्रतिदिन दुआ मांग रहे हैं।
कहा कि, रोजे की हर नमाज में मुंह से बस एक दुआ निकलती है कि हे अल्लाह शीघ्र ही इस महामारी का विनाश हो। देश में खुशहाली लौटे। युवा रोजेदार इमरान अंसारी भी रमजान के पाक माह में कोरोना के विनाश के लिए दुआ मांग रहे हैं। कहा कि राष्ट्र संकट की स्थिति से गुजर रहा है, इसलिए हम सबका कर्तव्य है कि उपचार के साथ-साथ खुदा के समक्ष भी अर्जी लगाई जाए, तभी इस बीमारी का नाश होना है।