अयोध्या। प्राणप्रतिष्ठा से पहले रामलला को पंचकोसी परिक्रमा कराई जाए, इसको लेकर मंथन हो रहा है। पंचकोसीय परिधि में रामकोट परिक्रमा की तर्ज पर शोभायात्रा निकाले जाने पर भी विचार हो रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अन्य मंदिरों की तरह राम जन्मभूमि से भी रामलला के चल विग्रह की पालकी यात्रा शोभायात्रा निकाली जाएगी। जगन्नाथ रथयात्रा, सावन मेला, राम विवाहोत्सव के दौरान चल विग्रह को रथ पर सवार कर यात्रा निकाले जाने की परंपरा राममंदिर परिसर से भी शुरू हो, इस पर मंथन हुआ है।
विगत दिनों श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने देश भर के संतों की ओर से आए सुझाव को रामनगरी के संतों के साथ साझा किया था। इसी के तहत यह योजना बन रही है कि अवध के प्रमुख त्योहारों पर राम जन्मभूमि परिसर में भक्तों को रामकथा की प्रस्तुति दिखाई जाएगी। इसके लिए विभिन्न तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। श्रद्धालु लेजर शो व थ्रीडी मैपिंग के जरिए शो का आनंद ले सकेंगे। यही नहीं अयोध्या के इतिहास व मंदिर आंदोलन को भी इस प्रस्तुति के जरिए दिखाए जाने की तैयारी है। रामलला की महाआरती में भी भक्त शामिल हो सकें इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पर्व व त्योहारों का वार्षिक कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा।