अयोध्या। रामलला की प्राणप्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां तेज हो चली हैं। महोत्सव को एतिहासिक बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संघ व विहिप मंथन में जुटे हुए हैं। महोत्सव में देश के कोने-कोने से विभिन्न जाति, धर्म व पंथ के लगभग पांच लाख लोग आएंगे। इनकी भाषाएं भी अलग-अलग होंगी। ऐसे में इनकी सुविधा के लिए ट्रस्ट अलग-अलग भाषा के जानकारों की एक टीम बना रहा है।
ट्रस्ट के एक सदस्य ने बताया कि बताया गया कि करीब दस सदस्यीय टीम बनाई जा रही है जिन्हें कई तरह की भाषाओं का ज्ञान होगा। ये गाइड के रूप में काम करेंगे और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत प्रदान करेंगे। ट्रस्ट की ओर से इन्हें बाकायदा परिचय पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
बताया गया कि सिंधी, पंजाबी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, गुजराती, अंग्रेजी भाषा के जानकारों को चुना जा रहा है। यह टीम मकर संक्रांति 15 जनवरी से फरवरी के अंत तक अयोध्या में रहेगी। इनके रहने, खाने आदि की व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से की जाएगी।