अयोध्या। साल का अंतिम सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को लग रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक सूर्यग्रहण से पहले सूतक काल शुरू होगा, जिसमें हर तरह के शुभ कार्य निषेध रहेंगे।
ग्रहण का राशियों पर मिला जुला असर पड़ेगा। भारतीय समय के अनुसार 26 दिसंबर गुरुवार को यह ग्रहण सुबह 8:01 मिनट से दोपहर 1:36 मिनट तक रहेगा। 25 दिसंबर बुधवार को रात 8:01 मिनट से ग्रहण का सूतक लगेगा। जिसके कारण 25 दिसंबर की रात 8:01 तक रामनगरी के मठ-मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। सूतक के चलते गुरुवार 26 दिसंबर को पहली पाली में रामलला के दर्शन भी भक्तों को नहीं हो सकेंगे।
सूर्यग्रहण 26 को लग रहा है। सूर्यग्रहण भारत में दिखेगा इसलिए सूतक माना जाएगा। जिसके चलते रामनगरी के मठ-मंदिरों के पट 12 घंटे पहले ही बंद हो जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि भारतीय समय के अनुसार 25 दिसंबर बुधवार को रात 8:01 मिनट से ग्रहण का सूतक लगेगा। जो ग्रहण समाप्त होने तक माना जाएगा। ऐसे में रामनगरी के मठ-मंदिरों में बुधवार की रात के बाद व गुरुवार सुबह भक्त अपने आराध्य का दर्शन नहीं कर पाएंगे।
सूतक के चलते मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं। ग्रहण के दिन गुरुवार सुबह पहली पाली में रामलला के दर्शन भी भक्तों को सुलभ नहीं हो सकेगा। वहीं हनुमानगढ़ी में भी बुधवार की रात्रि 8 बजे से दर्शन-पूजन बंद हो जाएगा। ग्रहण समाप्त होने के बाद पुन: भक्तों को दर्शन सुलभ होगा।