अयोध्या। अयोध्या मामले के फैसले को लेकर लगाए गए अफसरों व कर्मियों को हटा लिया गया है। इसको लेकर शहर से देहात तक मैपिंग के बाद 400 से ज्यादा अधिकारियों कर्मचारियों को लगाया गया था। इनमें कार्यपालक मजिस्ट्रेटों के साथ गांव-देहात में तैनात कर्मचारी भी थे।
अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से आने वाले फैसले को लेकर कार्रवाई 10 अक्टूबर से शुरू कर दी गई है। गैर जनपदों से लगभग चौदह मजिस्ट्रेटों को बुलाया गया था।
जिले में शांति व सुरक्षा को लेकर की गई मैपिंग के बाद पांच और सात नवंबर को बड़ी संख्या में कार्यपालक मजिस्ट्रेटों के साथ ही विभिन्न विभागों के फील्ड कर्मियों को गांव के साथ ही पुलिस चौकी और थाने तक तैनात किया गया था।
छह दिसंबर बीत जाने के बाद जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने इन सभी की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। ड्यूटी से हटाए जाने की कार्रवाई भी चरणबद्ध ढंग से की गई।
कुछ ही दिन पहले शहर से देहात तक लगाए गए स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को हटाया गया था। छह दिसंबर पूरी तरह शांतिपूर्ण निपटने के बाद सभी की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। गैर जनपदे से आए अफसरों को रिलीव ऑर्डर भी शनिवार को दे दिए गए। डीएम कार्यालय ने भी इसकी पुष्टि की है।