अयोध्या। राममंदिर के पक्ष में आए कोर्ट के फैसले के बाद छह दिसंबर को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। नगर में धारा 144 लागू हैै।
जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए छह दिसंबर को लेकर होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। रामनगरी में सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं। खासकर रामकोट क्षेत्र में एक बार फिर प्रतिबंध बढ़ गए हैं। सभी प्रवेश मार्ग पर सघन जांच की जा रही है। वहीं, खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरी रामनगरी को जगह-जगह बांस-बल्लियों एवं बैरीकेडिंग से जकड़ दिया गया था। धीरे-धीरे पुलिस सुरक्षा में ढिलाई देेती रही लेकिन रामकोट क्षेत्र में सुरक्षा प्रतिबंधों में ढील नहीं दी गई है।
अब 6 दिसंबर आने के साथ ही एक बार सुरक्षा के प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं। बिना आईडी जांच के रामकोट क्षेत्र में प्रवेश नहीं मिल रहा है। 6 दिसंबर की संवेदनशीलता को लेकर रेजीडेंट मजिस्ट्रेट अयोध्या के.डी. शर्मा ने बताया कि नगर में धारा 144 लागू है। इस दौरान बिना अनुमति के कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकता है।
6 दिसंबर को लेकर होने वाले आयोजनों को किसी भी रूप में अनुमति नहीं दी जा सकती है लेकिन अभी तक किसी भी आयोजन को लेकर प्रार्थना पत्र नहीं आया है।
क्षेत्राधिकारी अमरसिंह ने बताया कि अयोध्या की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिये जा रहे हैं लेकिन अयोध्या में रहने वाले लोगों के लिए किसी भी प्रकार से कहीं भी रोक नहीं लगाई गई है। हालांकि चेकिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही अयोध्या के बस स्टेशन रेलवे स्टेशन व सभी प्रवेश मार्गों पर पर्याप्त सुरक्षा बल लगा दिए गए हैं। अयोध्या की आम दिनचर्या प्रभावित ना हो इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।
विहिप ने मठ-मंदिरों में दीपोत्सव का खींचा खाका
अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद 6 दिसंबर को शोर्य दिवस नहीं मनाएगी लेकिन मठ-मंदिरों एवं घरों में दीप जलाने की योजना बनाई गई है। विहिप ने इसका खाका खींचा है। साधु-संतों एवं विहिप की टीम मठ-मंदिरों से आह्वान कर रही है कि वह 6 दिसंबर को अपने यहां दीपक जलाएं और शाम को आरती भी करें।
विहिप ने इस वर्ष शौर्य दिवस न मनाने का निर्णय लिया है। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि हमारे संकल्प की सिद्धि राममंदिर के हक में निर्णय आने के साथ हो गई है। अब राममंदिर निर्माण कोई नहीं रोक सकता है इसलिए अब शौर्य दिवस मनाने की आवश्यकता नहीं है। इसके बदले रामनगरी के मठ-मंदिरों, आश्रमों से शाम को दीपक जलाने व सात बजे आरती करने की अपील की जा रही है।