अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए हर हिंदू परिवार की सहभागिता हो, इसके लिए विश्व हिंदू परिषद सहित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देशभर में 11 करोड़ परिवारों से संपर्क साधेगा। इस दौरान कूपन के जरिए मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह किया जाएगा। 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के कूपन के जरिए करोड़ों रामभक्तों से चंदा लेने की तैयारी है। इसको लेकर ट्रस्ट ने एक पत्रक भी जारी किया है।
राम मंदिर निर्माण के साथ राममंदिर परिसर की भव्यता पर भी ट्रस्ट का फोकस है। जिसके लिए देश के 11 करोड़ परिवारों से कूपन के जरिए चंदा लेने की योजना बनाई है।
चंदा लेने का अभियान मकर संक्रांति पर्व से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा। जिसके लिए बड़ी संख्या में तैनात हो रहे कार्यकर्ता लोगों के घर-घर पहुंचेंगे और मंदिर निर्माण के साथ पूरे परिसर में होने वाले निर्माण कार्य की पत्रक के माध्यम से जानकारी देंगे।
ट्रस्ट का चार लाख गांवों तक पहुंचने का लक्ष्य है। राममंदिर ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि राम मंदिर निर्माण के साथ परिसर में अन्य व्यवस्थाओं को लेकर 11 करोड़ परिवारों से आर्थिक सहायता लेने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर निर्माण सहित 67 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित निर्माण कार्यों की जानकारी भी देगी। इसको लेकर ट्रस्ट ने एक पत्रक तैयार किया गया है। यह पत्रक कई भाषाओं में तैयार किया जा रहा है।
देशभर में बनेंगी तीन लाख टोलियां
11 करोड़ परिवारों से चंदा लेने के लिए तीन लाख टोलियां बनाई जा रहीं हैं। इन टोलियों के लिए कई गाइडलाइन निर्धारित की गई है। गाइड लाइन में बताया गया कि निधि संग्रह करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए सूचना टोली बनाकर संग्रह करना ठीक रहेगा। एक आवाहन पत्रक हिंदी-अंग्रेजी में भेजा जाएगा। आवश्यकतानुसार मातृभाषा में छपवा कर उपयोग कर सकते हैं। निधि संग्रह का विवरण प्रतिदिन केंद्र को भेजने के लिए एक सॉफ्टवेयर उपलब्ध किया जाएगा।
ऑनलाइन चंदा के लिए एप की तैयारी
ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि हर परिवार राममंदिर के लिए दान दे सके, इसके लिए एप भी बनाया जाएगा। प्रतिदिन संग्रहित नगद ,चेक व डीडी को दूसरे दिन समीप के एसबीआई शाखा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में ही जमा करना अनिवार्य है, निश्चित तिथि के पश्चात जमा करने की सुविधा नहीं रहेगी। इस अभियान के नियमित सभी खर्चों, भुगतान संबंधी सूचना बाद में दी जाएगी।