अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि अस्थाई सुरक्षा समिति की बैठक में राममंदिर के साथ अयोध्या में सुरक्षा घेरा सख्त करने का सुरक्षा ड्राफ्ट बनाकर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णय हुआ। तय हुआ कि निर्बाध रूप से रामलला के दर्शन हों, साथ ही निर्माण सामग्री आने में भी कोई अड़चन न हो।
एलएंडटी के इंजीनियरों समेत मजदूरों को परिसर में ही रखने के साथ उनके खानपान की पूरी व्यवस्था हो। 70 एकड़ परिसर के लोहे की चारदीवारी की सघन सुरक्षा, निर्माण के लिए तमाम वॉच टावर हटाने से नए स्थानों पर इसे बढ़ाने और आने-जाने के चेकिंग पोस्ट सख्त करने की रणनीति बनी। भविष्य में पर्यटकों की बढ़ने वाली भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा बलों की तैनाती, आवश्यक जरूरतें आदि विकसित करने को लेकर एक कमेटी भी बनाने का निर्णय लिया गया।
एडीजी सुरक्षा वीके सिंह की अध्यक्षता में हर तीन माह पर होने वाली श्रीरामजन्मभूमि अस्थाई सुरक्षा समिति की बैठक मंगलवार को हाईवे स्थित एक होटल में पहली बार हुई। पहले यह बैठक मानस भवन में होती थी लेकिन परिसर में जर्जर मंदिरों आदि को गिराने का काम चल रहा है इसलिए इस बार बैठक का स्थान बदला गया। राममंदिर निर्माण के दौरान रामलला का दर्शन निर्बाध रूप से चलता रहे, इसको लेकर चर्चा हुई।
रामजन्मभूमि की 70 एकड़ भूमि की सुरक्षा के अलावा राममंदिर, हनुमानगढ़ी एवं पूरी अयोध्या की पुख्ता सुरक्षा पर बल दिया गया। बैठक में राममंदिर निर्माण के दौरान रामजन्मभूमि परिसर सहित अस्थाई राममंदिर की सुरक्षा को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक का मुख्य मुद्दा यह रहा है कि राममंदिर निर्माण के दौरान रामलला का दर्शन निर्बाध रूप से चलता रहे।
एडीजी सुरक्षा बीके सिंह ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि अस्थाई सुरक्षा समिति की बैठक हर तीन माह पर होती थी लेकिन इस बार कोरोना के कारण थोड़ा विलंब हुआ। अब परिसर में राममंदिर का निर्माण होना है, कैसे दर्शन होता रहे और मंदिर निर्माण भी चलता रहे इसको लेकर प्लान तैयार किया गया है। मंदिर निर्माण के दौरान परिसर सुरक्षा पुख्ता रहेगी। परिसर में अभी अस्थाई मंदिर है और दूसरा निर्माणाधीन मंदिर दोनों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
बैठक में गृह विभाग/श्री रामजन्म भूमि से जुड़े विशेष कार्याधिकारी एके सिंह, रामजन्मभूमि सुरक्षा सलाहकार केके शर्मा, एडीजी सुरक्षा बीके सिंह, आईजी सीआरपीएफ सुुभाष चंद्रा, आईजी रेंज संजीव गुप्ता, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, डीआईजी पीएसी, डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार, एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय सहित खुफिया, पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा को लेकर पांच समितियों का गठन
वॉच टॉवरों से पूरे परिसर की होगी निगरानी
श्रीराम जन्मभूमि परिसर की निगरानी वॉच टॉवरों से होगी। रामजन्मभूमि परिसर सहित पूरे यलोजोन में पहले से ही 64 सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव लंबित है। अब नए सिरे से परिसर की सुरक्षा का खाका तैयार किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नौ वॉच टॉवरों का निर्माण किया जा रहा है, इन वॉच टॉवरों के माध्यम से पूर परिसर की निगरानी की जाएगी। राममंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के चारों तरफ ये नौ वॉच टॉवर बनाए जा रहे हैं जो कि परिसर की सुरक्षा की निगहबानी करेंगे।
बैठक में मंदिर निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं के दर्शन को निर्बाध रूप से जारी रखने पर चर्चा हुई है। राम जन्मभूमि परिसर में राममंदिर निर्माण शुरू करने से पूर्व सुरक्षा पर मंथन हुआ है। राममंदिर निर्माण के दौरान सुरक्षा प्लान का एक ड्राफ्ट तैयार कर इसकी एक रिपोर्ट बनाई जाएगी, इसे फिर भारत सरकार को भेजा जाएगा, वहां से अनुमति मिलने के बाद सुरक्षा प्लानिंग को मूर्त रूप देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
एसएन साबत, एडीजी जोन