अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूत बनकर अयोध्या आए केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को हनुमान गढ़ी और सरयू का दर्शन पूजन करने के बाद रामलला के अस्थायी मंदिर में हाजिरी लगाई। इस मौके पर उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ भूमिपूजन के कार्यक्रम को लेकर चर्चा की।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने अमर उजाला को बताया कि जिस शुभ मुहूर्त का इंतजार देशवासी सैकड़ों साल से कर रहे थे, वह अवसर पांच अगस्त को आ गया है। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि इसके गवाह बन रहे हैं। इसके पहले उन्होंने भोर में ही हनुमानगढ़ी जाकर बजरंगबली का पूजन कर रामलला का दर्शन व पूजन किया।
इसके बाद सरयू का दर्शन-पूजन करते हुए स्वदेश दर्शन योजना से घाटों के हो रहे सौंदर्यीकरण का जायजा लिया। यहां से रामलला का दरबार सुबह सात बजे खुलते ही श्रीरामजन्मभूमि के अस्थाई मंदिर जाकर हाजिरी लगाई। जन्मभूमि स्थल पर प्रधानमंत्री के आगमन की हो रही तैयारियों को देखते हुए साढ़े सात बजे कारसेवकपुरम में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मिलने पहुंच गये।
यहां बंद कमरे में चंपत राय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास संदेश पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14 जनवरी 1992 के एक खास संकल्प की याद दिलाई। चर्चा के दौरान प्रमुख रूप से प्रदेश के पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी समेत विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेशचंद्र, संगठन मंत्री अंबरीश सिंह, अवधेश सिंह बादल भी उपस्थित रहे। बाद में केंद्रीय मंत्री ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का आशीर्वाद लेते हुए कनक भवन में पूजन करते हुए गुप्तारघाट में हो रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।
एकता यात्रा में आए मोदी का मंदिर संकल्प
केंद्रीय पर्यटन मंत्री से बातचीत में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राममंदिर के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि वे 11 दिसंबर 1991 को शुरू हुई कन्याकुमारी से कश्मीर तक एकता यात्रा के दौरान 14 जनवरी 1992 को अयोध्या आए थे। तब वह यहां जानकी महल ट्रस्ट में मुुरली मनोहर जोशी के साथ ठहरे थे। विवादित ढांचे में स्थित रामलला का दर्शन करने के दौरान ही उन्होंने संकल्प लिया था कि अब मंदिर निर्माण करने ही अयोध्या आऊंगा। चर्चा में कहा गया कि जो फोटो वायरल हो रही है, वह 14 जनवरी की है। जोशी जी लोगों को संबोधित कर रहे हैं और बगल में मोदी खड़े हैं।
जानकी महल के 107 नंबर कमरे में रुके थे मोदी
जानकी महल ट्रस्ट के व्यवस्थापक रामकुमार शर्मा कहते हैं कि नरेंद्र मोदी 107 नंबर कमरे में ठहरे थे जबकि इसके सामने 108 नंबर में मुरली मनोहर जोशी रुके थे। तब कारसेवकपुरम नहीं बना था, तब प्रबंधक बंका जी आते थे और उनके कहने पर हम कमरे की व्यवस्था करते थे। वे कहते हैं कि तब हमारी उम्र भी करीब 35 साल थी, और मोदी जी हमउम्र थे। जोशी जी उन्हें अपने कमरे में बुलाकर अक्सर चर्चा करते थे। श्री शर्मा ने बताया कि जानकी महल ट्रस्ट में ही राजमाता सिंधिया भी रुकती थीं। अशोक सिंहल, चंपत राय आदि भी यहीं ठहरते थे। सिर्फ अटल जी के रुकने का ठिकाना गोविंद भवन था।
सांसद से मांगा एतिहासिक स्थलों के विकास का प्रस्ताव
केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने सांसद लल्लू सिंह के घर नाश्ते पर हुई चर्चा में कहा कि अयोध्या को सजाना जरूरी है। अयोध्या के सभी एतिहासिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने को लेकर प्रस्ताव उनके समक्ष प्रस्तुत करें। अयोध्या की विरासत विश्व को नई दिशा देने वाली होगी। सांसद ने उन्हें चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित रामायण कालीन स्थलों, ऋषि मुनियों की तपस्थली समेत तमाम पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करके पर्यटकों के भ्रमण योग्य बनाने की योजना पर चर्चा की।