श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आला अधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ के साथ लगातार संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री को औपचारिक न्योता भेजा जा चुका है वह इसे स्वीकार भी कर चुके हैं। अगर यह मुहूर्त निकल गया तो फिर दीपावली के 11 दिन बाद ही अगला मुहूर्त आएगा।
उधर, संत भी प्रधानमंत्री को शिलान्यास के लिए आमंत्रण देने की तैयारी में हैं, इसके लिए उनसे मुलाकात का भी मन बना रहे हैं। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री से भूमि पूजन के लिए शुभ तिथि पर अयोध्या आने का आग्रह किया जा रहा है। अभी कोई तिथि तय नहीं हो पाई है।
भूमि पूजन में आती रहीं अड़चनें
भूमि पूजन की तिथि पहले 30 अप्रैल को तय की गयी थी। लेकिन इसी बीच कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी और ट्रस्ट ने भूमि पूजन कार्यक्रम स्थगित कर दिया। अब ट्रस्ट की तरफ से दो जुलाई की तारीख बताई गई है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तारीख को लेकर जवाब आना अभी बाकी है।
राममंदिर की पहली मंजिल का काम पूरा
दो मंजिल के प्रस्तावित राममंदिर की रूपरेखा पहले ही तैयार हो चुकी है। पहली मंजिल का काम तकरीबन पूरा बताया जा रहा है। 212 पिलरों पर बनने वाले राममंदिर के लिए 106 पिलर, छतें, नींव के पत्थर और उसके ऊपर लगने वाले पत्थर तैयार हैं। लगभग सवा लाख घनफुट पत्थरों की तराशी हो चुकी है। अभी 75 हजार स्कवायर घन फुट पत्थर तराशे जाने बाकी हैं। मंदिर 128 फीट ऊंचा और 140 फीट चौड़ा होगा जबकि मंदिर की लंबाई 268 फीट की होगी।