अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में सोमवार से मठ-मंदिरों को भक्तों के लिए खोले जाने की तैयारी जोरों पर चल रही है। भक्त 75 दिन बाद अपने आराध्य का दर्शन-पूजन कर सकेेंगे। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार ने आठ जून से सभी धार्मिक स्थलों को सशर्त खोलने की अनुमति दी थी। इसके बाद सभी धार्मिक स्थलों को खोले जाने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है।
अब नए नियमों के साथ मंदिर में दर्शन-पूजन हो सकेगा। सामाजिक दूरी बनाकर भक्त दर्शन कर पाएंगें तो वहीं भगवान को प्रसाद, फूल, माला नहीं अर्पित किया जाएगा, भक्तों केे प्रसाद के रूप में केवल तुलसी दल मिलेगा।
मंदिरों में भीड़ एकत्र न हो और सामाजिक दूरी बनी रहे, इसके लिए मंदिर प्रशासन ने मंदिरों के सामने भक्तों को खड़ा होने के लिए एक मीटर की दूरी के अनुसार निशान बनाया गया है। ताकि इस दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकें।
सभी धार्मिक स्थलों को निर्देश दिया है कि एक बार में पांच से अधिक श्रद्घालु न एकत्र हों। श्रद्घालुओं को मंदिर परिसर में आने से पहले अपने हाथों को सैनिटाइज करना होगा। मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा। पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने बताया कि शासन-प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार मंदिर में दर्शन-पूजन की व्यवस्था होगी।
बिना मॉस्क के प्रवेश नहीं होगा, दूर से ही दर्शन भक्तों को मिलेगा। मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले बनाए गए हैं, मंदिर के घंटो को कोई स्पर्श न करे इसके लिए उन्हें ढक दिया गया है।
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि गाइडलाइन के अनुसार ही रामलला का दर्शन भक्तों को सुलभ होगा। नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए नई व्यवस्था बनाई गयी है। अब दूर से ही भक्त जलाभिषेक कर सकेंगे।
गर्भगृह में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सिद्घपीठ हनुमानगढ़ी में भी नए नियमों के साथ हनुमान जी महाराज का दर्शन होगा। भक्तों को प्रसाद, फूल, माला चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी, एक बार में केवल पांच श्रद्घालु ही दर्शन कर सकेंगें। मंदिर में भक्तों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था भी की गयी है।
इन मंदिरों में लौटेगी रौनक
अयोध्या के मंदिर कनकभवन, श्रीरामलला, हनुमानगढ़ी, नाका हनुमानगढ़ी, दशरथमहल बड़ा स्थान, छोटी देवकाली, मणिरामदास की छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, जानकी महल, कालेराम, हनुमान गुफा, जानकीघाट बड़ास्थान सहित अन्य मंदिरों में आज से रौनक लौटेगी। ये मंदिर लॉकडाउन के प्रथम दिन से ही वीरान चल रहे थे, मंदिर खुलने के बाद एक बार फिर ये मंदिर भक्तों से गुलजार होने को हैं।