मंदिर निर्माण कार्यशाला प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा के मुताबिक राम जन्मभूमि परिसर में ही कार्यशाला खोली जानी है। जिसके लिए रामघाट क्षेत्र में लगी दोनों मशीनों को कार्यशाला के अंदर स्थापित किया जाएगा। साथ ही 100 से अधिक कारीगरों को एक साथ पत्थर तराशी के लिए लगाया जाएगा। जिसके लिए बनने वाली कार्यशाला स्थल पर टीन शेड व कारीगरों के रहने के लिए अस्थाई मकानों का निर्माण किया जाना है। उनके मुताबिक इसके लिए ट्रस्ट को जानकारी दी जा चुकी है। कार्यशाला में अन्य पत्थरों की तराशी होने से समय की बचत होगी। लाने ले जाने को लेकर टूटने का भी डर भी नहीं रहेगा।
परिसर से बाहर नहीं जा सकते इंजीनियर व श्रमिक
मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड टुब्रो के इंजीनियरों की टीम समेत जेसीबी मशीन चालक व श्रमिकों को बीते दो सप्ताह से परिसर में ही रात-दिन बितानी पड़ रही है। इनके लिए मानस भवन में ही ठहरने की अस्थाई अव्यवस्था की गई है। इंजीनियरों के लिए तीन कमरे व्यवस्थित किए जा रहे हैं, जहां वे तकनीकी साजो-सामान के साथ ऑनलाइन राममंदिर परिसर व मंदिर निर्माण की तैयारी व प्रगति का ब्योरा रखेंगे। ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि महासचिव चंपत राय, विहिप के अशोक जी समेत इंजीनियर, चालक, मशीनमैन व श्रमिकों का एक साथ खाना बनेगा और अपरिहार्य स्थिति में ही कोई बाहर जा सकेगा। सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश है कि परिसर में मौजूद कोई भी व्यक्ति बाहर न जा सके, न ही कोई बाहर से आ सके।