अयोध्या। राममंदिर के हक में फैसला आने और उसके बाद ट्रस्ट गठित होते ही राममंदिर निर्माण की सारी बाधाएं अब दूर हो गईं हैं। 19 फरवरी को ट्रस्ट की पहली बैठक भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि ट्रस्ट की बैठक में राममंदिर निर्माण को लेकर बड़ी घोषणा होने के साथ-साथ निर्माण प्रारंभ करने की तिथि भी घोषित की जा सकती है।
ट्रस्ट की पहली बैठक पर जहां सभी की निगाहें टिकी हैं। वहीं गुरुवार को रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने अतिशीघ्र राममंदिर निर्माण शुरू करने की बात कही है। संतों का कहना है कि राममंदिर के निर्माण के लिए रामकोट तक कॉरिडोर बनाया जाए। तराशी गईं शिलाएं समेत निर्माण सामग्री ले जाने का अलग रास्ता बनाने की संतों ने मांग उठाई है।
राममंदिर निर्माण को लेकर संतों की बेकरारी बढ़ती जा रही है। संतों का कहना है कि अब ट्रस्ट बन चुका है शीघ्र ही राममंदिर निर्माण शुरू होना चाहिए। लेकिन उससे पहले बड़ा सवाल यह है कि जब राममंदिर का निर्माण शुरू होगा तो बिना दर्शन-पूजन बाधित किए किस तरह से योजना बनेगी।
संतों ने इसके लिए मांग की है कि रामंमदिर निर्माण के लिए राममंदिर तक कॉरिडोर बनाया जाए। वैकल्पिक रास्तों के जरिए ही राममंदिर के लिए तराशी गई शिलाएं व निर्माण सामग्री मंदिर परिसर तक पहुंचाया जाए। ताकि मुख्य मार्ग बाधित न हो, विशाल शिलाएं लेकर बड़ी-बड़ी क्रेन आसानी से आ-जा सकें। अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन निर्बाध चलने के साथ यातायात सुगम भी बना रहे।
अब तक राममंदिर के लिए सवा लाख घनफुट पत्थरों की तराशी की जा चुकी है। इन मंदिरों में रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में रखा गया है। इन पत्थरों ये राममंदिर का निर्माण होगा या नहीं यह तो ट्रस्ट को तय करना है लेकिन यदि इन पत्थरों का प्रयोग होता है तो इन्हें राममंदिर परिसर तक कैसे पहुंचाए जाएं, इसकी भी रणनीति बनानी होगी। रामलला के मंदिर का मार्ग प्रशस्त होने के बाद दर्शनार्थियों की संख्या भी बढ़ी है ऐसे में रामलला सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन बाधित न हो और राममंदिर का निर्माण कार्य भी जारी रहे इसके लिए संतों ने कॉरिडोर बनाने की मांग उठाई है।
दो साल में बन जाएगा राममंदिर : महंत कमलनयन दास
श्रीरामजन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत कमलनयन दास कहते हैं कि दो साल में राममंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा इसके लिए तेजी से काम होगा। उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि राममंदिर निर्माण शुरू होने पर दर्शनार्थियों के लिए अलग से वैकल्पिक मार्ग बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि नए ट्रस्ट की बैठक में राममंदिर निर्माण को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। हमारी मांग है कि राममंदिर निर्माण के दौरान भी रामलला की पूजा-अर्चना निर्बाध रूप से चलते रहनी चाहिए। उसके लिए शासन को राममंदिर तक एक कॉरिडोर का निर्माण करना चाहिए। जिससे निर्माण कार्य भी बाधित न हो और श्रद्धालु रामलला का दर्शन भी कर सकें।
निर्माण सामग्री ले जाने व दर्शनार्थियों के लिए बने अलग मार्ग : सत्येंद्र दास
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि मंदिर बनाना है तो पहले समतलीकरण करना होगा। रामलला के विग्रह को कहीं और स्थापित करना ही पड़ेगा। हालांकि विग्रह कहॉ स्थापित होगा यह निर्णय नवगठित ट्रस्ट को करना है, लेकिन हमारी मांग है कि पूजा-पाठ किसी भी हालत में रूकना नहीं चाहिए। दर्शनार्थियों के लिए अलग व राममंदिर निर्माण सामग्री ले जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाने चाहिए। रामलला की मूर्ति वैकल्पिक रूप से ऐसी जगह स्थापित की जाए जहां श्रद्धालुओं का पूजन अर्चन भी कोई दिक्कत न होने पाए। यही नहीं रामनगरी के अन्य मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को भी असुविधा न हो इसका भी ध्यान रखने की जरूरत है।