अयोध्या। राममंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठित होने के बाद पहली बार विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय रविवार को अयोध्या पहुंचे। उन्हाेंने राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, दिगंबर अखाडे़ के महंत सुरेश दास के साथ ट्रस्ट में शामिल निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास सहित कई संतों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि विहिप ने ट्रस्ट को लेकर साफ कर दिया है कि ट्रस्ट में शामिल होने के लिए संतों की संख्या ज्यादा है। सरकार ने ट्रस्ट गठन सोच समझकर किया है। ट्रस्ट गठन की हर प्रक्रिया से मैं संतुष्ट हूं। कानूनविदें की राय से ट्रस्ट का गठन किया गया है।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि सरकार ने एक-एक कदम सोच विचार कर रखा है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का तय समय सीमा के अंदर पालन और 15 घंटे के अंदर उसका क्रियान्वयन, जिसमें राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए जमीन का हस्तांतरण सराहनीय कदम रहा। अब न्यास को काम करना है।
उन्होंने कहा कि न्यास अध्यक्ष ठेठ साधु हैं। ट्रस्ट में यदि ध्वंस के आरोपियों को शामिल किया जाता तो सवाल उठता। इसलिए कानूनविदें की राय से ट्रस्ट का गठन हुआ है। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी के. परासरन पर चंपत राय ने बेबाकी से जवाब दिया।
कहा कि नवनियुक्त गठित ट्रस्ट के ट्रस्टी कानून के पितामह हैं। 93 वर्ष की आयु में के परासरन रामसेतु और सबरीमाला जैसे मुकदमे देख रहे हैं। भगवान ने उन्हें बौद्धिक रूप से अलर्ट रखा है। शरीर से भी वह अलर्ट हैं। के परासरन जो भी निर्णय लेंगे वह ठीक होगा।
इसमें समाज का और इस मिशन का भला है। वहीं ट्रस्ट को लेकर कहा कि ट्रस्ट को अपना काम करने दो। ट्रस्ट की बैठक में विचार-विमर्श होगा। वहीं अयोध्या के संतों को शामिल न किए जाने पर साफ कर दिया कि ट्रस्ट में संतों को जगह मिली है लेकिन संतों की संख्या अधिक है। संतों की नाराजगी के मुद्दे पर कहा कि मैं आज न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास से मुलाकात करके आया हूं उनके मन में कुछ भी नहीं है।
दो साल मेें मंदिर बनाना है तो विहिप के मॉडल से बनेगा
चंपत राय ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा मॉडल में किसी तरीके का कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। मॉडल को लेकर कोई चर्चा नहीं है। कहा कि ट्रस्ट को यदि दो साल में मंदिर बनाना है तो विहिप के मॉडल पर ही मंदिर बनाना होगा। 25 साल में बनाना है तो नया मॉडल लाए अब जो सारे निर्णय ट्रस्ट को करना है।