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राममंदिर निर्माण से पहले माहौल को राममय बनाने की योजना

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श्रीसीताराम नाम जप के कार्यक्रम के दौरान प्रवचन करते महंत। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से रामलला के हक में निर्णय आने के बाद राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सभी की निगाहें राममंदिर ट्रस्ट पर टिकी हैं क्योंकि ट्रस्ट गठित होने के साथ ही राममंदिर का निर्माण भी शुरू हो जाएगा।
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वशिष्ठ फाउंडेशन अयोध्या द्वारा राममंदिर निर्माण से पूर्व पूरे अयोध्या को राममय बनाने की योजना है। इसके लिए जिले के प्रत्येक ब्लॉक एवं गांव-गांव श्रीसीताराम नाम जप व यज्ञ का आयोजन होगा। इसका शुभारंभ रामनगरी के राम की पैड़ी से रविवार को हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वशिष्ठ फॉउंडेशन के अध्यक्ष वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा यह आयोजन आज जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है तब ऐसी स्थिति में और भी संदर्भित हो जाता है।
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हम सब की तथा जनमानस की इच्छा है कि जब बाहर से कोई अयोध्या दर्शन के लिए आये तो उसे पूरी अयोध्या भगवान राम के चरणों मे राममय प्रतीत हो व भारत वर्ष में अयोध्या से राम मंदिर के साथ-साथ राष्ट्र मंदिर के निर्माण का भी संदेश जाए। सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि राममंदिर निर्माण के साथ ही उसके लिए माहौल बनाने की भी जरूरत है।
श्री सीताराम नाम जप व यज्ञ जैसे अनुष्ठान अयोध्या को राममय बनाने में सहायक साबित होंगे। नगर विधायक वेद प्रकाश प्रकाश गुप्ता ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब हमारे आराध्य रामलला टेंट से आजाद होंगे। कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अयोध्या का विकास उसकी गरिमा के अनुरूप हो। श्रीसीताराम नाम जप व यज्ञ कार्यक्रम में बीकापुर विधायक शोभा सिंह, संयोजक सतीश शुक्ल, समन्वयक डॉ. बृजेश पासवान, रवि तिवारी, राघवेंद्र तिवारी, राजीव पाठक, विपनेश पांडेय, हरिओम तिवारी, प्रेमनाथ पांडेय, अखिलेश मिश्रा, विश्वेशनाथ मिश्र, पूजा सिंह, विभा पांडेय, क्षीरेश्वर पति त्रिपाठी, रमेश राना सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
घर के बाहर सीताराम लिखने का आह्वान
सीताराम नाम जप के दौरान सरयू तट स्थित राम की पैड़ी का परिसर आस्था का केंद्र बना रहा। श्री सीताराम नाम कीळ् ध्वनि एवं नाम जाप में श्रद्घालु भक्त लीन नजर आए। सैकड़ों लोगों ने एक साथ प्रभु के नाम का स्मरण किया तथा अयोध्या की पावन भूमि से देश को सद्भावना का संदेश दिया। श्रीसीताराम नाम जप व महायज्ञ में मौजूद भक्तों से आह्वान किया गया कि अगर संभव हो तो हर अयोध्या वासी अपने घर के बाहर सीताराम लिखकर अपनी कृतज्ञता प्रभु के चरों मे अर्पित करें।
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