अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले विहिप पूरे देश में शौर्य यात्राएं निकालेगी। इसकी शुरुआत 30 सितंबर से अयोध्या से हो चुकी है। इन यात्राओं के जरिये लोगों को गांव-गांव मंदिर आंदोलन का इतिहास बताया जाएगा। साथ ही मंदिर निर्माण की प्रगति की भी जानकारी दी जाएगी। सभी से प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान आनंदोत्सव मनाने की अपील की जाएगी। यात्रा के समापन पर सभाएं भी होंगी, जिसमें गो हत्या, धर्म परिवर्तन, लव जिहाद, बांग्लादेशी घुसपैठ आदि विषयों पर मंथन किया जाएगा।
विहिप की शौर्य यात्रा कई जिलों से होते हुए नौ अक्तूबर को अयोध्या पहुंचेगी। इससे पहले जिले में भी सात से नौ अक्तूबर के बीच शौर्य यात्राएं निकाली जाएंगी। विहिप की युवा शाखा बजरंग दल की ओर से न्याय पंचायत स्तर पर इन यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा के विश्राम स्थल पर राम मंदिर को लेकर हुए संघर्ष की गाथा से आम जन को अवगत कराया जाएगा। इसके लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बजरंग दल संयोजक मनीष पांडेय ने बताया कि कटरा कुटी धाम गोंडा से शनिवार को यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। एक यात्रा में करीब 50 कार्यकर्ताओं की टीम रहेगी। जिले की सभी यात्राएं नौ अक्तूबर को अयोध्या पहुंचने वाली यात्रा से जुड़ जाएंगी। नौ अक्तूबर को यह यात्रा अंबेडकरनगर के रास्ते काशी के लिए चली जाएगी।
यात्रा के दौरान लोगों को अवगत कराया जा रहा है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या आने के बजाय लोग अपने गांव के मंदिर पर कार्यक्रम का आयोजन करें। यहां विशेष पूजन के आयोजन के साथ दीपक जलाकर एक दूसरे से खुशियां साझा करें। प्राण प्रतिष्ठा के बाद संगठनात्मक स्तर पर हर जिले से अयोध्या आने का कार्यक्रम तय किया जाएगा। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव हिंदू समाज के लिए सबसे बड़ा उत्सव है। इसकी जानकारी घर-घर पहुंचाने के लिए शौर्य यात्राओं के जरिये लोगों के बीच जाएंगे।