अयोध्या। ढाई महीने बाद रामनगरी के मठ-मंदिरों के पट खुलने के साथ ही पावन सलिला सरयू के घाटों की भी रौनक लौटती नजर आयी। ब्रह्म मुहूर्त में ही सरयू घाटों पर श्रद्धालु भक्त स्नान के लिए सोमवार को पहुंचने लगे, सुबह से लेकर शाम तक स्नान करने का सिलसिला जारी है। लॉकडाउन के कारण सरयू के घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहता था, अब एक बार फिर सरयू घाट भक्तों से गुलजार होते नजर आ रहे हैं।
अयोध्या। नयाघाट स्थित प्राचीन शिवमंदिर नागेश्वरनाथ मंदिर खुलते ही अभिषेक पूजन के लिए भक्त उमड़ पड़े। सोमवार होने के कारण नागेश्वरनाथ व क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की कतार नजर आई। नागेश्वरनाथ मंदिर के व्यवस्थापक सभापति तिवारी ने बताया कि नई व्यवस्था के अनुसार गर्भगृह में भक्तों को प्रवेश नहीं दिया गया, भक्त दूर से ही भगवान शिव का अभिषेक पूजन कर सके, यह व्यवस्था जारी रहेगी।
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के दरबार में भी सोमवार से रौनक लौटी है। अस्थाई मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए सोमवार से भक्तों का आगमन शुरू हो गया। हालांकि सोमवार को सीमित संख्या में भक्तों ने दर्शन किया, लेकिन धीरे-धीरे रामलला का दरबार भी अब भक्तों से गुलजार होने लगा है। यहां सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए भक्तों को दर्शन कराया गया।
अयोध्या। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में नए नियमों के साथ सोमवार को भक्त दर्शन कर सके। एक बार में पांच श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। मंदिर के प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई गयी है। भक्तों को दूर से ही हनुमान जी के दर्शन हुए वे प्रसाद नहीं चढ़ा सके, उन्हें प्रसाद स्वरूप में केवल तुलसी दल दिया गया। यही नहीं नए नियम के अनुसार भक्त हनुमानजी की परिक्रमा भी नहीं कर सके।
अयोध्या। लॉकडाउन के 75 दिन बाद सोमवार को रामनगरी के धर्मस्थल मठ, मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा एक बार फिर पूजा व इबादत के लिए खोल दिए गए हैं। इस दौरान संक्रमण से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए धार्मिक स्थलों को खोला गया। धर्मस्थलों में थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर भक्तों ने दर्शन-पूजन व इबादत की। एक बार में पांच भक्त ही धार्मिक स्थलों में प्रवेश कर पाए। धार्मिक स्थल पर प्रतिमा, मूर्ति, पवित्र ग्रंथ को स्पर्श करने की अनुमति नहीं रही। नए नियमों के तहत भक्त अपने आराध्य का दर्शन दूर से ही कर सके। भक्त भगवान को फूल-माला व प्रसाद भी नहीं अर्पित कर सके, प्रसाद स्वरूप में उन्हें केवल तुलसी दल प्रदान किया गया।
ढाई महीने बाद रामनगरी के मठ-मंदिरों के खुलने को लेकर भक्तों में उत्साह नजर आया। अपने आराध्य का लंबे समय से दर्शन-पूजन न कर पाने वाले भक्त मंदिर खुलते ही दर्शन-पूजन को पहुंच गए। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में सुबह चार बजे जैसे ही मंगला आरती हुई, दर्शन के लिए भक्त उमड़ पड़े। हालांकि नए नियमों के तहत की भक्तों को दर्शन कराया गया। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में एक बार में केवल पांच भक्त ही दर्शन पूजन कर पाए, दूर से ही आराध्य के दर्शन हुए। प्रवेश व निकास मार्ग अलग-अलग बनाए गए थे। हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने बताया कि फुल बॉडी सैनिटाइजेशन के बाद ही भक्तों को प्रवेश दिया गया। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए भक्त दर्शन-पूजन कर रहे हैं हनुमान जी महाराज से प्रार्थना है कि कोरोना वायरस का अतिशीध्र शमन हो।
नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने बताया कि मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश दिया गया है। प्रसाद, फूल, माला अर्पित करने पर रोक है। भक्त दूर से ही दर्शन कर रहे हैं, शासन-प्रशासन की गाइडलाइन का अनुपालन कराया जा रहा है। वहीं बड़ी देवकाली मंदिर में भी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश दिया गया। रामलला के दरबार में सोशल डिस्टेसिंग व मास्क की अनिवार्यता के साथ ही भक्तों को दर्शन की अनुमति है। इसी तरह कनक भवन, छोटी देवकाली, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, दशरथमहल बड़ास्थान, मणिरामदास की छावनी, बड़ी देवकाली सहित अन्य मंदिरों मे नए नियमों के साथ ही भक्तों को दर्शन की सुविधा रही।
दर्शन करने पहुंचे रघुनाथ बोले कि वर्षों से हनुमान जी महाराज के दर्शन का सिलसिला नहीं टूटा था, लेकिन लॉकडाउन के कारण अपने आराध्य िके दर्शनों से वंचित रहना पड़ा था, अब फिर मंदिर खुल गए हैं, इतने दिनों बाद अपने आराध्य का दर्शन कर सकारात्मक ऊर्जा का अहसास हो रहा है।
रामलला का दर्शन करने जा रहे संत अमरदास के चेहरे पर अपने आराध्य का दर्शन करने की ललक स्पष्ट दिख रही थी, कहा कि रामलला का दर्शन न कर पाने की टीस ह्रदय में रहती थी। लंबे समय बाद अपने आराध्य का दर्शन करने जा रहा हूं, ह्रदय प्रफुल्लित और द्रवित है।
अमित तिवारी 75 दिन बाद दर्शन करने निकले थे बोले कि सुखद अनुभूति हो रही थी। बताया कि वह नित्य कनकभवन, हनुमानगढ़ी व रामलला के दरबार में हाजिरी लगाते थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते यह नियम टूट गया था। कहा कि बना दर्शन-पूजन के मन तृप्त नहीं होता था, अब फिर से यह खुशी मिली है।
नागेश्वरनाथ में अभिषेक पूजन कर लौट रहे प्रमोद श्रीवास्तव धार्मिकता से ओत-प्रोत नजर आ रहे थे। कहा कि भगवान भोले नाथ का अभिषेक करने का नियम लॉकडाउन ने भंग कर दिया था, अब मंदिर खुल रहे हैं। अपने आराध्य का दर्शन कर जो सुखद अनुभूति हो रही है, उसको बयां नहीं किया जा सकता।