अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि परिसर में इस बार रामजन्मोत्सव का भव्य आयोजन होगा। दस दिवसीय जन्मोत्सव का कार्यक्रम ऐतिहासिक हो इसकी रूपरेखा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा तैयार की जा रही है। जन्मोत्सव में खेल प्रतियोगिता, रामकोट की परिक्रमा समेत कई अनुष्ठान होंगे।
रामनवमी पर इस बार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से दशमी तक की रूपरेखा तैयार की गई है। पिछले महीने हुई श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में राममंदिर के ट्रस्टी विश्वेश तीर्थ ने रामनवमी उत्सव का प्रस्ताव रखा था। इब इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
तैयारी कुछ इस तरह से है कि उत्सव का शुभारंभ रामकोट की परिक्रमा से हो। इसके अलावा हर दिन पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं जैसे कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, दौड़ आदि का आयोजन किया जाए। हालांकि प्रतियोगिताएं सुरक्षा कारणों से रामजन्मभूमि परिसर के बाहर ही कराई जाएंगी। उत्सव के क्रम में प्रतिपदा को कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू होगा।
इस बार अखंड नाम संकीर्तन व रामचरित मानस पाठ भी कराया जाएगा। नवमी तिथि को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भव्यता पूर्वक मनाया जाएगा। इसके लिए मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने की योजना है। दशमी पर भी हवन-पूजन आदि के कार्यक्रम होंगे।
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा उत्सव की क्या तैयारी की जा रही है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। फिर भी यदि दस दिवसीय आयोजन होगा तो रामजन्मोत्सव की भव्यता से पूरा विश्व परिचित होगा। अब भव्य मंदिर निर्माण के साथ ही हर उत्सव-समैया का आनंद व आभा बढ़ गई है।
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रामकथा संग्रहालय में सहेजे जाएंगे रामजन्मभूमि से संबंधित दस्तावेज
अयोध्या। सरयू तट पर निर्मित रामकथा संग्रहालय अब श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लीज पर हस्तांतरित किया जाएगा। जल्द ही इसको लेकर ट्रस्ट व संस्कृति विभाग के बीच एमओयू होने जा रहा है। बताया गया कि संग्रहालय में रामजन्मभूमि से संबंधित दस्तावेज सहेजे जाएंगे।
राममंदिर के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने बताया कि हम लोगों ने शासन के समक्ष एक विचार रखा था कि संग्रहालय हमें दे दिया जाए। 12.31 करोड़ की लागत से 2015 में तैयार हुआ अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय तीन एकड़ भूमि में स्थित है।
भूतल समेत दो तल के इस भवन में कुल 18 कमरे हैं। हस्तांतरण के बाद रामकथा संग्रहालय की सारी संचालन व्यवस्था और विस्तार करने की क्षमता श्रीराममंदिर ट्रस्ट के पास होगी। इस प्रक्रिया के लिए संग्रहालय में मौजूद सामानों की लिस्ट तैयार की जा रही है।
राममंदिर के आफिसियो ट्रस्टी, डीएम नितीश कुमार का कहना है कि रामकथा संग्रहालय ट्रस्ट को दिया जा रहा है। रामजन्मभूमि परिसर में जितना खुला स्थान होगा, उतना ही अच्छा होगा।
रामजन्मभूमि से पूरी अयोध्या पहचानी जाती है, इसलिए इस संग्रहालय में रामजन्मभूमि से संबंधित कागजात और सभी सर्टीफिकेट होंगे। संग्रहालय में जो सामान पहले से रखा है उसका पूरा स्टॉक मैनेजमेंट करके ट्रस्ट को दिया जाएगा।