अयोध्या। चैत्र पूर्णिमा पर रामनगरी भक्तों से सूनी रही। चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर रामनगरी में लाखों भक्तों की भीड़ होती थी लेकिन इस बार कोरोना के कारण रामनगरी के मठ-मंदिरों से लेकर सरयू घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा।
कोरोना के चलते रामनगरी में बाहरी भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं रामनगरी में दक्षिण परंपरा के मंदिरों जानकी महल, कालेराम आदि में सादगी से हनुमान जयंती का पर्व मनाया गया।
चैत्र पूर्णिमा पर कुछ स्थानीय भक्तों ने ही सरयू में डुबकी लगाई। इस दौरान प्रशासन द्वारा बाहरी भक्तों को अयोध्या में प्रवेश नहीं दिया गया। सरयू में सामूहिक स्नान पर प्रतिबंध के चलते इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही सरयू में स्नान करते नजर आए।
प्रमुख मंदिरों रामलला, हनुमानगढ़ी, कनकभवन आदि के पट भी बंद होने के कारण यहां भी सन्नाटा पसरा रहा। वहीं दूसरी तरफ कालेराम मंदिर व जानकी महल ट्रस्ट में सीमित अनुष्ठानों के बीच हनुमान जयंती का पर्व मनाया गया।
महाराष्ट्रियन परंपरा के मंदिर कालेराम में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाए जाने की परंपरा है। यहां दक्षिणाभिमुखी हनुमान जी प्रतिष्ठित हैं। मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव देश पांडेय ने बताया कि मंगलवार को हनुमान जयंती के अवसर पर सीमित अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
कोविड प्रोटोकॉल के तहत जयंती मनाई गई। सुबह पांच बजे हनुमान जी की कथा सुनाई गई। उसके बाद हनुमान जी का षोडशोपचार पूजन विधिविधान पूर्वक किया गया।
सुबह छह बजे भगवान की आरती उतारी गई, दोपहर में भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इसी तरह जानकी महल ट्रस्ट में भी सीमित कार्यक्रमों के बीच हनुमान जयंती का पर्व मनाया गया।