फैजाबद-लखनऊ रेल प्रखंड पर शुक्रवार दोपहर अचानक मालगाड़ी को खड़ी कर सूचना प्रसारित हुई कि पटरी से उतर गई। इससे फैजाबाद जंक्शन की एआरटी टीम समेत स्टाफ में अफरा तफरी मच गई।
रेलवे के अफसरों सहित आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि सतर्कता परखने के लिए यह गोपनीय मॉकड्रिल की गई थी। तकरीबन डेढ़ घंटे चली मॉकड्रिल के दौरान लखनऊ-फैजाबाद रेल प्रखंड पर ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा।
शुक्रवार दोपहर सोहावल पूर्वी आउटर सिंग्नल से करीब एक किलोमीटर पहले ही फैजाबाद से लखनऊ की ओर जा रही मालगाड़ी रोक दी गई। ट्रेन के चालक पवन कुमार, लोको पायलट मो. अब्बास ने अधिकारियों को खबर दी कि माल गाड़ी के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए है।
सूचना लखनऊ तक पहुंची और हड़कंप मच गया। रेलवे के तमाम अधिकारी, सिविल पुलिस, जीआरपी व आरपीएफ घटना स्थल की ओर भागे लेकिन मौके पहुंचने पर कुछ और ही दिखा। पसीने से लथपथ अधिकारियों ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मालगाड़ी के संचालक ने गुप्त तरीके से मॉकड्रिल की गई थी। जिससे सतर्कता को परखा जा सके।
मौके पर पहुंचे रेलवे के एपीएम एके बाजपेयी, टीआई सेफ्टी सीपी वर्मा ने बताया कि विभागीय मॉकड्रिल थी। कोई बोगी मालगाड़ी की डिरेल नहीं हुई है। एक बजकर 25 मिनट पर मॉकड्रिल शुरू हुई जो दो बजकर 57 मिनट तक चली। जिसके बाद मालगाड़ी को आगे की ओर रवाना कर दिया गया।
इस दौरान रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन ठप रहा। इस दौरान आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर पूरन नेगी, कमलेश कुमार, प्रशिक्षु सीओ अरविंद चौरसिया, रौनाही थानाध्यक्ष आरपी सिंह, गार्ड एसके मौर्या सहित अन्य मौजूद रहे।