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शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ प्रदर्शन

Tue, 12 Apr 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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जुलूस निकालते आप कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिक्षा के बाजारीकरण, निजी स्कूलों की मनमानी, अभिभावकों के शोषण, शिक्षा का अधिकार कानून के उल्लंघन आदि मुद्दों को लेकर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि निजी स्कूलों व शिक्षा माफिया के दबाव में जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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इससे गरीब परिवारों के बच्चों को एडमीशन नहीं मिल रहा है। साथ ही सभी लोग स्कूलों में खुली दुकान से महंगी कॉपी-किताब, ड्रेस खरीदने के साथ तरह-तरह के शुल्कों की वसूली से शोषण के शिकार हो रहे हैं। प्रदर्शन के बाद आप नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर निजी स्कूलों के खिलाफ  कार्रवाई की मांग उठाई।

आम आदमी पार्टी अवध प्रांत के प्रवक्ता सभाजीत सिंह के नेतृत्व में सिविल लाइन स्थित रिकाबगंज हनुमानगढ़ी पर सुबह एकत्रित हुए आप कार्यकर्ताओं ने ‘शिक्षा हो गई नेताओं की गुलाम, अभिभावक  रोएं सुबह-शाम’, शिक्षा है मौलिक अधिकार बंद करो, इसका व्यापार, शिक्षा के मंदिर को व्यवसायी सेंटर न बनाओ, शिक्षा है देश का आधार, नहीं होने देंगे इसका व्यापार’ आदि स्लोगन की तख्तियां हाथों में लेकर कचहरी तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम पंकज सिंह को मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्री मांग पत्र सौंपा।
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इसमें कहा गया है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दिल्ली की तर्ज पर कांवेंट स्कूलों के बराबर सुविधाएं देकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करे। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों के बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए।

स्कूलों द्वारा प्रत्येक वर्ष मनमानी तरीके से शुल्क में वृद्धि की जा रही है रोक लगाई जाए। निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए राज्य स्तरीय/जिला स्तरीय कमेटी बनाई जाए, जिसमें सिविल सोसाइटी के लोग भी शामिल हों। इसके अलावा कई अन्य मांगें भी हैं।

प्रदर्शन में नदीम रजा, यूके द्विवेदी, मो. इसराइल, गायत्री मिश्रा, प्रवीण सिंह, आशुतोष चौहान, अशोक गौड़, राकेश वर्मा, सायरा बानो, अमीना बानो, राजमनि गौड़, मालती गौड़, रवि कुमार, सुधाकर शर्मा शामिल थे।
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