गांव में पक्के मकानों के निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति के प्रस्ताव पर जिला पंचायत की बैठक में जबरदस्त हंगामा हुआ। सदस्यों के कड़े विरोध के कारण यह प्रस्ताव गिर गया। अनुपस्थित पावर कॉर्पोरेशन के अफसर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव किया गया तो पशु बाजारों में रवन्ना पर ली जाने वाली मनमानी रकम पर नकेल कसने का प्रस्ताव भी किया गया। जिला पंचायत के 33 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट के साथ कई अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
कमिश्नरी के गांधी सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें जिला पंचायत प्रशासन ने गांव में पक्के मकानों के निर्माण में मानचित्र स्वीकृित के प्रस्ताव पर जबरदस्त हंगामा हुआ। बड़े जनप्रतिनिधियों की टिप्पणी के साथ ही जिपं सदस्य शोभावती के प्रतिनिधि राजेश सिंह, राज्य सभा सदस्य विनय कटियार के प्रतिनिधि कृष्ण कुमार पांडेय खून्न सहित अन्य कई सदस्यों ने इसको लेकर आपत्ति दर्ज कराई।
प्रशासन ने इसके शासनादेश का हवाला दिया तो सदन में मौजूद ज्यादातर सदस्यों ने हंगामा तेज कर दिया। उनका कहना था कि फैजाबाद में यह व्यवस्था स्वीकार नहीं की जा सकती है। पशु बाजारों में जिला पंचायत के रवन्ने पर ज्यादा पैसे लिए जाने का मामला उठा तो सदस्यों ने सौ रुपये में 100 पन्ने की रसीद बुक को दो सौ रुपये करने का प्रस्ताव पारित किया। बैठक में वित्तीय साल 2016-17 में 4.79 लाख रुपये का लाभ बताया गया तो वित्तीय साल 2017-18 के लिए 33.06 लाख का परिव्यय प्रस्तुत किया गया। इसमें 28.86 लाख के विकास कार्य सदस्यों के प्रस्ताव पर कराए जाएंगे। शेष 25 फीसदी धनराशि मरम्मत के लिए होगी।
बैठक में जिला योजना के अनुमोदन के साथ ही ईंट भट्ठा, संशोधित उपविधियों सहित कई अन्य प्रस्ताव किए गए। एक सदस्य की कार्यप्रणाली को लेकर भी हलचल रही। बैठक में विधायक राम चंद्र यादव, एमएलसी हीरालाल यादव, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, गोरखनाथ, शोभा सिंह के साथ ही महिला जिला पंचायत सदस्य, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद मल्लपा बंगारी और विभागों के अफसर मौजूद थे।