अयोध्या। उन्नाव में बलात्कार के बाद पीड़िता की हत्या के मामले को लेकर शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर सपाइयों ने सरकार को आड़े हाथों लिया। पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने शनिवार को प्रेसवार्ता में महिला अपराधों के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी।
सिविल लाइन स्थित एक होटल में उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की स्थिति भयावह है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली इस सरकार में बेटियां ही सर्वाधिक असुरक्षित हैं। कहा कि पहले तो बलात्कार का मामला ही पुलिस नहीं दर्ज कर रही थी, किसी तरह केस दर्ज हुआ भी तो आरोपियों ने इस तरह की जघन्य वारदात को अंजाम दिया है।
इससे साफ जाहिर है कि अपराधियों को पुलिस का भय नहीं है। कहा कि भाजपा सांसद जेल में बंद बलात्कारी को जन्मदिन की बधाई देते हैं, यह शर्म की बात है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को संभाल नहीं पा रहे हैं, इसलिए नैतिकता के आधार पर उनसे इस्तीफा लेकर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाय।
कहा कि बढ़ते अपराधों के मामले पर सपा आंदोलन करेगी। शीघ्र ही प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर चौधरी बलराम यादव, रक्षाराम यादव, शमशेर यादव, शिवांशू तिवारी आदि मौजूद रहे।
वहीं, एमएलसी लीलावती कुशवाहा ने सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आज बहन-बेटियों का घर से निकलना दूभर हो गया है। देश की आधी आबादी खतरे में है। तेलंगाना मामले में डॉक्टर के चिता की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि बेखौफ लोगों ने दूसरी क्रूरतापूर्ण घटना को अंजाम दिया है।
कहा कि प्रदेश के हालात बद्तर हैं, मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था संभाल नहीं पा रहे हैं। धरने के उपरांत राज्यपाल को संबोधित प्रेषित ज्ञापन में एमएलसी ने मांग किया कि शीघ्रातिशीघ्र फास्ट ट्रैक कानून के तहत अपराधियों को फांसी की सजा दी जाय, पीड़ित परिवार को कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाय, परिवार के सदस्यों की सुरक्षा मुहैया करायी जाय, उनके भरण-पोषण के लिए परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाय, प्रदेश में हो रहे हत्या एवं बलात्कार पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाये जायं। इस मौके पर इंद्रपाल यादव, सतीश यादव, विजय निषाद, अमृत राजपाल, मोहित यादव, अल्का कुशवाहा आदि मौजूद रहे।