बिजली आपूर्ति पिछले एक सप्ताह से ध्वस्त हो गई है। पावर कॉर्पोरेशन के प्रेषण व वितरण खंड एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ते आ रहे हैं।
कटौती के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और रोड जाम के दौरान पावर कॉर्पोरेशन के वितरण से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कंट्रोल रूम से कटौती की बात कहते हैं। लेकिन इसे भी अब सुनते-सुनते लोग आजिज आ गए हैं।
गोसाईगंज में बुधवार देर शाम तय शेड्यूल से दो घंटे बाद आई बिजली के बार-बार ट्रिपिंग से उपभोक्ताओं में आक्रोश भड़क गया। वो सड़क पर उतर आए।
रात नौ बजे के बाद लो-वोल्टेज में बहाल हुई विद्युतापूर्ति को दस मिनट के अंदर तीन बार कटने से आजिज आए लोगों ने एनएच 30 आजमगढ-लखनऊ राजमार्ग जाम कर दिया।
कस्बे के तेलियागढ़ चौराहे पर जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों ने पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर नारेबाजी शुरू कर दी।
सूचना पर पहुंचे कोतवाल नरेंद्र सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। लगभग आधे घंटे बाद आपूर्ति बहाल होने पर ही लोगों का आक्रोश शांत हुआ।
कोतवाल नरेंद्र सिंह ने बताया, तेलियागढ़ चौराहे पर जाम लगाए लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा यातायात बहाल करा दिया गया। शांति व्यवस्था से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। डीएम द्वारा जिले में 31 अगस्त तक धारा 144 लागू की गई है। बिना अनुमति के अगर कोई धरना-प्रदर्शन व मार्ग जाम करने का प्रयास करेगा तो उसके साथ सख्ती से पेश आया जाएगा।
एसएसओ गददौपुर विद्युत उपकेंद्,वीरेंद्र वर्मा के अनुसार, गददौपुर विद्युत उपकेंद्र पर शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक आपूर्ति करने का रोस्टर चल रहा है। बुधवार रात्रि दर्शननगर से 9 बजे आपूर्ति की गयी थी।
इसी बीच सवा नौ बजे तेलियागढ़ में केबल जलने की मरम्मत हो जाने पर पौने दस बजे फिर आपूर्ति बहाल की गई। देर रात्रि फिर दर्शननगर से ही एक बजे से सुबह चार बजे तक बिजली कटौती की गई। कटौतियां सीधे कंट्रोल रूम से हो रही हैं।
पावर कॉर्पोरेशन ने उच्च अधिकारियों के सख्त रुख और लोगों के आक्रोश को देखते हुए गुरुवार से मंडल मुख्यालय पर आपूर्ति में सुधार किया है। सुबह से शाम तक 12 घंटे के बीच आपूर्ति मात्र दो घंटे की कटी।
शाम से सुबह तक भी आठ घंटे बिजली आपूर्ति देने की बात कही जा रही है। एक्सईएन अशोक कुमार का कहना है कि दर्शननगर से सुधार होते ही आपूर्ति बेहतर की गई है।
कंट्रोल रूम से आपात कटौती न होने दिन में कटौती नहीं की गई।