अयोध्या। राज्यपाल ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद 500 कैदियों/बंदियों को रिहा करने का एलान किया है। इस पर शासन के निर्देश के बाद मंडल कारागार ने आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे छह कैदियों की रिहाई के लिए प्रस्ताव भेजा है। यह सभी 16 वर्ष से ज्यादा की अवधि से जेल में हैं। इसमें तीन कैदी अयोध्या और तीन अंबेडकरनगर जनपद के हैं।
शासन के निर्देश पर मंडल कारागार अयोध्या ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे छह कैदियों की रिहाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी है। इनमें अयोध्या जनपद के फरीद, राजकुमार यादव, आनंद गुप्ता और अंबेडकरनगर जनपद के बंदी संतराम, बच्चूलाल व शिवमूर्ति वर्मा शामिल हैं। यह सभी हत्यारे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इन सभी की उम्र 50 से 60 वर्ष के आसपास है। यह करीब 16 वर्षों से जेल में बंद हैं।
नियमानुसार गणतंत्र दिवस पर बंदियों की रिहाई की अनुमति में जेल में रहने के दौरान कैदियों/बंदियों का आचरण सबसे महत्वपूर्ण होता है। आचरण के साथ ही तीन श्रेणियों में आने वाले कैदियों/बंदियों की रिहाई पर शासन विचार करता है। इनमें पहला जिन कैदियों/बंदियों की उम्र 80 साल या उससे अधिक हो और उसने 10 वर्ष की सजा पूर्ण कर ली है। दूसरा जिन कैदियों/बंदियों की उम्र 70 साल या उससे अधिक हो और उसने 12 साल की सजा काट ली हो।
तीसरा जिन कैदियों/बंदियों ने 16 साल की सजा काट ली हो, इसमें उम्र की बाध्यता नहीं होती। इन तीनों श्रेणियों के साथ बेहतर आचरण वाले कैदियों/बंदियों की रिहाई पर ही विचार होता है। मंडल कारागार अयोध्या के वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि छह कैदियों की रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अब इनमें से कितने रिहा होंगे, यह फैसला शासन स्तर से लिया जाएगा।