राजकीय पुस्तकालय में शनिवार को निजी स्कूलों के प्रबंधकों व प्रिंसिपलों की बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। प्रभावशाली स्कूल प्रबंधकों ने प्रशासन के अधिकारों को चुनौती तक दे डाली। यह बैठक डीआईओएस की ओर से मनमाने शुल्क आदि को लेकर बुलाई गई थी।
इस बैठक के शुरू होते ही माहौल गरम हो गया। तू-तू, मैं-मैं करते-करते आखिरकार हाथों से इशारा करते हुए प्रबंधकों नेे यहां तक कह दिया कि आप कौन होते हैं, जांच करने वाले। अधिकारों के अतिक्रमण करने का आरोप भी डीआईओएस पर लगाया।
मनमाने शुल्क पर आंदोलन के बाद डीएम के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जिले के कॉन्वेंट स्कूलों की जांच शुरू कर दी है। कई स्कूलों में छापा मारकर निरीक्षण भी किया गया तथा कइयों से आय-व्यय के दस्तावेज भी मांगे गए।
इसी क्रम में शनिवार को हुई बैठक में केटी पब्लिक स्कूल के डा. हरेंद्र बहादुर सिंह और डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय में जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। अवध इंटरनेशनल के अतुल सिंह ने एचबी सिंह का जमकर साथ दिया। इसके बाद तो प्रबंधकों में से ज्यादातर लोग मुखर हो गए।
विवाद ज्यों ही बढ़ना शुरू हुआ, इसकी गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए पुस्तकालय के दरवाजे को प्रबंधकों की ओर बंद कर दिया गया। बड़े मुश्किल से दरवाजा खुलवाया गया। प्रबंधकों की ओर से डीआईओएस को कहा गया कि आप कौन होते हैं जांच करने वाले और आय-व्यय की जानकारी मांगने वाले?
किस धारा के तहत दस्तावेज मांग रहे हैं? आप अपने अधिकारों का अतिक्रमण कर रहे हैं। प्रबंधकों की ओर से उछाले गए इन सवालों के जवाब में डीआईओएस ने कहा कि आप ही वह आदेश दिखाइए, जिसमें कहा गया है कि हम आप से कोई भी जानकारी नहीं मांग सकते।
फिलहाल डेढ़ घंटे तक गरमागरमी के माहौल में हंगामेदार बैठक चलती रही। बैठक में उदया पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल जीवेंद्र सिंह, टाइनी टाट्स के प्रबंधक रंजीत सिंह, एमडी गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक रवींद्र शुक्ला, गुरू नानक एजूकेशनल सोसाइटी के प्रतिपाल सिंह पाली, राज बहादुर यादव, दुर्गा प्रसाद तिवारी, कैलाशचंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।