सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्मियों की ओर से सुविधा शुल्क न मिलने पर एक प्रसव पीड़िता के साथ मारपीट और गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत कोतवाली पुलिस को दी गई है।
क्षेत्र के खंडपिपरा निवासी हरीराम का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजवती, उसकी जेठानी दुर्गादेवी, सास फूलमता उसकी पत्नी मालती को लेकर शुक्रवार भोर लगभग चार बजे प्रसव के लिए सीएचसी रुदौली ले गई थीं।
सीएचसी पहुंचने पर मौके पर तैनात स्टाफ नर्स बृजेश कुमारी, वार्ड आया परवीन बानो प्रसव पीड़िता को प्रसव कक्ष में लेकर चली गई। थोड़ी देर बाद दुर्गा कक्ष के बाहर आई और कहा कि स्टाफ नर्स तीन हजार रुपए की मांग कर रही है।
उसके पास आठ सौ रुपये थे जो उसने दे दिया। इस पर वार्ड आया ने रुपए फेंक दिया और धमकाया कि तीन हजार की व्यवस्था करो, अथवा मरीज को ले जाओ। उसने अनाप-शनाप बकना शुरू कर दिया।
मजबूरी जताने व मोहलत मांगने पर अभद्रता की गई और भगा दिया गया। वह रुपयों की व्यवस्था करके वापस अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि प्रसव पीड़िता की पिटाई कर बाहर निकाल दिया गया है।
कुछ देर बाद ही गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। एक निजी अस्पताल ले जाने पर मरा बच्चा पैदा हुआ। रविवार की शाम तहरीर कोतवाली पुलिस को दी गई है। इस बाबत सोमवार को सीएचसी प्रभारी डॉ. मदन बरनवाल ने बताया कि पीड़ित हरीराम शिकायत करने आया था।
उससे लिखित शिकायत मांगी गई है, जिससे जांच करवा कार्यवाही की जा सके। वहीं कोतवाल रुदौली हृषिकेश यादव ने बताया कि हरीराम की तहरीर पर पुलिस ने सीएचसी जाकर पड़ताल की है। कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए प्रभारी डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार है।