लोग बिजली आने के इंतजार में सड़कों पर घूम कर रतजगा करने को मजबूर हैं। पवित्र रमजान माह के साथ ही पुरुषोत्तम मास के दौरान भी बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति को लेकर लोगों में आक्रोश है।
उमस भरी गर्मी शुरू होने के साथ ही जिले में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल ध्वस्त चल रहा है। रात हो या दिन, आपात कटौती ने उपभोक्ताओं की नाक में दम कर दिया है। देहात क्षेत्र में आपूर्ति की स्थिति सबसे खराब है।
कहीं चार से छह घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है तो कहीं इससे भी बदतर स्थिति है। पवित्र रमजान माह के साथ पुरुषोत्तम मास को लेकर बिजली आपूर्ति में सुधार माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे ईद नजदीक आने लगी तो बिजली आपूर्ति और खराब हो गई है।
दो दिन से समूचा जिला भीषण उमस भरी गर्मी से परेशान रहा। इसी बीच बिजली आपूर्ति भी अपना रंग दिखाने लगी। दिन में कई-कई घंटे की कटौती के साथ ही रात में अघोषित कटौती का दौर शुरू हो गया।
मंगलवार की रात साढ़े 10 बजे पूरे जिले की बिजली गुल हुई तो देर रात लगभग ढाई बजे बहाल हुई। इसी तरह बुधवार की रात लगभग नौ बजे आपूर्ति ठप हुई तो रात साढ़े बारह बजे लौटी।
भीषण उमस भरी गर्मी में परेशान लोग सड़क पर रतजगा कर बिजली आने का इंतजार करते रहे। अघोषित विद्युत कटौती से लोग बेहाल हैं। कहने के लिए मंडल मुख्यालय वाले जिले के लिए 20 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल तय है, लेकिन बिजली कितनी मिल रही है, कुछ कहा नहीं जा सकता।
सोहावल प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की हालत बद से बदतर हो गई है। तीन दिनों से ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति गिनती के घंटे में की जा रही है। बिजली आपूर्ति का यही हाल रुदौली, बीकापुर, गोसाईगंज, मिल्कीपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का भी है।
कोट
मांग और आपूर्ति में संतुलन न होने के कारण यह स्थिति बनी है। दो दिन इसमें ज्यादा दिक्कत रही, लेकिन अब इसमें सुधार है। अब बिजली आपूर्ति ठीक मिलेगी।
इं. अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम फैजाबाद