अयोध्या। पावर कॉर्पोरेशन की विजिलेंस टीम ने नाका में कार्रवाई करते हुए बड़े स्तर पर चल रही बिजली चोरी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने छापा मारकर एक मकान से 400 से भी अधिक नए और पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर बरामद किए हैं। टीम को मीटर रीडिंग पीछे करने वाली कई चिप भी मिली हैं। आशंका जाहिर की जा रही है कि यहां मीटर रीडिंग पीछे करने का गोरखधंधा चल रहा था। टीम ने मौके से एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, विभाग को हर महीने करीब 15 लाख की चपत लग रही थी।
काफी दिनों से विजिलेंस टीम इलाके में रेकी कर रही थी। टीम के सदस्य दिन-रात नजर बनाए हुए थे। बुधवार दोपहर 12 बजे के मुख्य अभियंता हरीश बंसल और अधिशाषी अभियंता प्रदीप वर्मा विजिलेंस टीम के साथ नवीन मंडी के सामने देवनगर काॅलोनी स्थित एक मकान में पहुंचे। टीम के अधिकारी अंदर पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। दो कमरों में रैक पर भारी संख्या में नए और पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर, चिप, स्टार्टर व तार समेत अन्य उपकरण मिले। छापे के दौरान ड्रिल मशीनें, कटर और हैंडल सेट भी बरामद किया गया है। मौके से कृष्ण कुमार सोनी को गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस टीम ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर मामला भी दर्ज कराया है।
आरोपी का मोबाइल खंगाल रही टीम
भारी संख्या में मीटर समेत अन्य बिजली के उपकरण मिलने के बाद बिजली विभाग में खलबली मच गई है। विजिलेंस की टीम ने भी आशंका जाहिर की है कि इतनी भारी संख्या में मीटर की बरामदगी कहीं न कहीं इसमें विभाग के कर्मियों की भी संलिप्तता हो सकती है। पुलिस ने भी अब इसी एंगल पर काम शुरू कर दिया है और आरोपी का मोबाइल खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है उसके फोन पर आने-जाने वाली सभी कॉल्स को ट्रेस किया जा रहा है। बिजली विभाग की विजिलेंस टीम को काफी दिनों से ऐसे ही मामले की तलाश थी। बुधवार को मौका पाते ही पुलिस बल को बुला लिया। चूंकि घर में छापा मारना था, इसलिए टीम को आशंका थी कि कहीं महिलाएं विरोध न कर दें। इसलिए छापे के दौरान महिला पुलिस को भी बुला लिया गया था। अधिशाषी अभियंता प्रदीप वर्मा ने बताया कि यहां मीटरों की चिप निकालकर दूसरी चिप लगाने का काम भी हो रहा था। मीटर की रीडिंग पीछे करने के साथ रिमोट से मीटर स्लो भी करता था।
20-20 हजार मीटर रीडिंग मिल रही थी पीछे
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इधर कई दिनों से चल रही जांच के दौरान सामने आया था कि बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों में भी मीटर रीडिंग पीछे दिख रही थी। हालांकि जांच टीम को तत्काल पता चल जाता था, लेकिन कन्फर्म नहीं हो रहा था। नगर के कई प्रमुख इलाकों के अलावा अलावा मंडल के सुल्तानपुर से भी ऐसी ही शिकायत सामने आ रही थीं। इसके बाद विजिलेंस को जांच का जिम्मा सौंप दिया गया था।
देर शाम तक होती रही मिले उपकरणों की गिनती
नवीन मंडी के सामने गली के छापेमारी के दौरान मिले बिजली उपकरण देख बिजली विभाग के अधिकारी भी सत्र रह गए थे। दोनों कमरों में कई जगह पर उपकरण फैला हुआ था। बताया जा रहा है कि टीम के चार से पांच सदस्य देर शाम तक उपकरण की गिनती में जुटे रहे। सभी मिले उपकरणों को सील किया जाएगा।
कई मीटरों पर उपभोक्ताओं के नाम
हमें कई नए-पुराने मीटर मिले हैं, जिनमें कई मीटर पर उपभोक्ताओं के नाम हैं। आशंका है कि अधिक रीडिंग वाले मीटर की यहां रीडिंग कम की जाती थी। हालांकि एक को गिरफ्तार किया गया है। गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कोई विभाग का कर्मी तो संलिप्त नहीं था। इसकी जांच कराई जा रही है। बिजली चोरों को कहीं से भी ढूंढ निकाला जाएगा। जिस बड़े पैमाने पर मीटरों की बरामदगी हुई उससे हर महीने 15 लाख के राजस्व के नुकसान की आशंका है।
- हरीश बंसल, मुख्य अभियंता, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम