मंदिर के बाहर चबूतरे पर मूर्तियां रख बैठा पुजारी।
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तुलसी नगर स्थित यादव मंदिर के पुजारी भूरेशरण शनिवार को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान मूर्तियों को मंदिर के बाहर चबूतरे पर रखकर बैठ गए। देर शाम पहुंची पुलिस ने पुजारी को समझा-बुझाकर मूर्तियों को वापस गर्भगृह में रखवा दिया है।
बता दें कि 16 अगस्त की मध्य रात्रि यादव मंदिर के एक कमरे की छत ढह जाने से दो श्रद्धालुओं की मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई थी। जबकि कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। हादसे के बाद पुलिस ने मंदिर के पुजारी भूरेशरण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मंदिर के महंत अयोध्या शरण भाग गए थे।
मंदिर के जर्जर होने के कारण पुलिस ने समूचे मंदिर परिसर को किराएदारों आदि से खाली कराकर मंदिर को बंद करा दिया था। जेल से वापस आए पुजारी भूरेशरण शनिवार को मंदिर के गर्भगृह से मूर्तियों को बाहर निकाल चबूतरे पर रखकर बैठ गए।
पुजारी ने कहा कि मंदिर की मूर्तियों को लेकर कहां जाएं, भगवान के राग-भोग पूजा ऐसी स्थिति में कैसे होगी। शाम लगभग सात बजे लक्ष्मणघाट चौकी प्रभारी नंद हौसला यादव मौके पर पहुंचे और पुजारी को समझा-बुझाकर मूर्तियों को गर्भगृह में वापस रखवाया।