अयोध्या। गोसाईगंज कोतवाली अंतर्गत अंबेडकरनगर जिले के सीमावर्ती गांव त्रिलोकपुर में मतदाताओं को रिझाने के लिए होली के दिन निवर्तमान प्रधान ने कई लोगों को जहरीली शराब पिला दी।
जब आंख से धुंधला दिखने के साथ पेट दर्द व उल्टी शुरू हुई तो अलग-अलग अस्पतालों में आठ लोगों को भर्ती कराया गया, जहां दो लोगों की मौत गई। छह लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा गया है। दोनों जिलों के डीएम-कप्तान मौके पर डटे हुए हैं। निवर्तमान प्रधान राजनाथ वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
प्रधान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। दो एसडीएम व सीओ के नेतृत्व में आबकारी विभाग व पुलिस की चार टीमें जहरीली शराब के अड्डे की तलाश में छापा मार रहीं हैं।
गांववासियों के अनुसार त्रिलोकपुर में होली के दिन मतदाताओं को रिझाने के लिए निवर्तमान प्रधान राजनाथ वर्मा की ओर से उनके घर पर मछली और दारू की पार्टी दी गई थी।
इसमें कुछ शराब ठेके से मंगाई गई थी जबकि कुछ अवैध विक्रेताओं से खरीदी गई थी। शराब पीने के बाद सबसे पहले गांव के वीरेंद्र वर्मा (32) की तबीयत खराब हुई तो पूर्व प्रधान राजनाथ वर्मा अपनी गाड़ी से गोसाईगंज सीएचसी ले गए।
जहां इलाज शुरू हुआ लेकिन हालत गंभीर देख उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 31 मार्च को जिला अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। आनन-फानन लोगों ने उसका दाह संस्कार भी कर दिया।
प्रधान ने लोगों को मौत की वजह पीलिया बताई थी। इसी बीच कई लोगों को आंख से धुंधला दिखने और उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई।
गांव के लोग पीड़ितों को अयोध्या जिला चिकित्सालय व अंबेडकरनगर के चिकित्सालय ले गए। गंभीर हालत में दूसरे पीड़ित धर्मेंद्र वर्मा (30) को जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
इसके बाद जहरीली शराब से मौत का मामला शासन और प्रशासन के संज्ञान में आ गया। अयोध्या के डीएम अनुज कुमार झा, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, अंबेडकरनगर के डीएम सैमुअल पाल व एसपी आलोक प्रियदर्शी लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच कराई गई तो जहरीली शराब पीने से गांव के लाल बहादुर, राजेश, जयश्री, ध्रुव कुमार वर्मा, राम शुभावन वर्मा को दोनों जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती पाया गया। प्रशासन ने गंभीर रूप से पीड़ितों को हायर सेंटरों में भर्ती कराया।
जहां लाल बहादुर व राजेश प्रजापति की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मृतक धर्मेंद्र वर्मा के पिता मोतीलाल वर्मा ने निवर्तमान प्रधान राजनाथ वर्मा के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
गोसाईगंज थाने में प्रधान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के मुताबिक एसडीएम सदर ज्योति सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर रामकृष्ण चतुर्वेदी, जिला आबकारी अतुल द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस व आबकारी की तीन टीमें बनाई गई हैं।
जबकि अंबेडकरनगर जिला प्रशासन ने भी जांच टीम गठित करके संयुक्त रूप से अवैध शराब विक्रेताओं की गिरफ्तारी के लिए छापा मार रहे हैं। पुलिस फरार प्रधान की भी तलाश में जुटी है।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 29 मार्च को होली के दिन निवर्तमान प्रधान ने अपने घर पर अलग-अलग टोली में आने वाले लोगों को शराब पिलाई थी।
जिन लोगों पर जहरीली शराब का असर हुआ है, उन्होंने ब्लू लाइन ब्रांड की शराब पी थी। इसकी बोतल मौके से बरामद की गई है। यह ब्रांड अयोध्या जिले में नहीं बिकती है लेकिन अंबेडकरनगर जिले के ठेकों पर इनकी बिक्री होती है।
बरामद बोतल की जांच की गई तो उसके बारकोड असली ब्रांड के बारकोड से नहीं मिले। अंबेडकरनगर में की ब्लू लाइन ब्रांड की शराब गाजीपुर डिस्टलरी से आती है।
इससे साफ पता चलता है कि कहीं से अवैध शराब मंगाई गई थी, गांव के पास सटे अंबेडकरनगर के मीठेपुर चौराहा स्थित देशी शराब ठेके की भी जांच की गई है। अवैध शराब कहां से मंगाई गई इसकी जांच की जा रही है।
डीएम ने बताया कि निवर्तमान प्रधान के यहां दावत होली के दिन 29 को ही थी, 30 को कोई दावत नहीं थी। जहरीली शराब पीने की घटना होली के दिन की है।
गांव के वीरेंद्र वर्मा (32) की मौत को लेकर परिजनों से शिकायत पत्र मांगे गए तो परिजनों ने देने से इंकार किया लेकिन दूसरे मृतक के परिजनों ने प्रधान के खिलाफ नामजद तहरीर दी जिस पर एफआईआर दर्ज किया गया है।
जांच में मीठेपुर ठेके की रिपोर्ट में 28 मार्च को ही स्टॉक समाप्त बताया गया है। अब वहां एक अप्रैल से नया ठेका हो चुका है। अंबेडकरनगर के डीएम, एसपी भी मौके पर डटे हुए हैं। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
निवर्तनाम प्रधान की ओर से बांटी गई शराब जहरीली थी, इसकी पुष्टि मिथाइल एल्कोहल की मात्रा मिलने से स्पष्ट हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोसाईगंज के चिकित्सा प्रभारी इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि शराब में अल्कोहल के साथ मिथाइल का इस्तेमाल किया गया था।
जिसे शराब जहरीली हो गई थी जिसके प्रभाव से दो लोगों की मौत हो गई, एक का इलाज उर्मिला अस्पताल में चल रहा है। उसकी दोनों आंखें की रोशनी चली गई है लेकिन उसकी जान बच सकती है।
त्रिलोकपुर गांव में गम का माहौल है। इस घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है। मृतक के पारिवारीजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। ग्रामवासियों का कहना है कि ग्राम प्रधानी के चुनाव में वोट को लेकर मौत का खेल खेला गया।
राजनीतिक दलों के लोग भी गांव में पहुंचकर पारिवारिक जनों को ढ़ांड़स बंधा रहे हैं। वहीं राजनीतिक दलों के आवागमन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
दूसरी ओर पुलिस टीम गांव में आई अवैध शराब को ढूढंने के लिए खेतों से लेकर निवर्तमान प्रधान के घर तक तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस को आशंका है कि बड़ी मात्रा में अवैध जहरीली शराब बंटने के लिए आई थी।
इसमें कुछ शराब बांटी गई थी, बाकी अवैध शराब कहीं छिपा कर रखी गई है। आईजी रेंज अयोध्या डॉ. संजीव गुप्ता ने भी गांव का दौरा किया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले के जांच के आदेेश अयोध्या व अंबेडकरनगर के एसपी को दिए गए हैं।
घटना में जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लापरवाह आबकारी विभाग के कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
कोतवाली गोसाईगंज के त्रिलोकपुर गांव में हुई घटना के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। फोरेंसिक टीम के साथ जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। शुरूआती जांच के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। शराब कहां से आई और कौन लोग बना रहे हैं, इसका जल्द खुलासा कर किया जाएगा। निवर्तमान प्रधान की तलाश जारी है। - शैलेश पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या
अयोध्या-गोसाईगंज थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में बिलखते परिवारीजन व ग्रामीण।- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-गोसाईगंज थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव में मृतक के परिवारीजन से वार्ता करते जिलाधिका?- फोटो : FAIZABAD