अयोध्या। विधानमंडल के दोनों सदनों में मौजूद किसी भी जनप्रतिनिधि ने साल 2022-23 में जिले के किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की कोई भी संस्तुति नहीं की। इतना ही नहीं बीते वर्ष पौधरोपण पर रोपित 93 फीसदी पौधे भी सुरक्षित होने की जानकारी समिति को दी गयी। यह बात उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति की बैठक में हुए सवालों के जवाब में सामने आई।
सर्किट हाउस के सभागार में समिति के सभापति शैलेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समिति सदस्यों ने विभाग के अफसरों से सवाल-जवाब किया। समिति के एक सदस्य ने पूछा कि वर्ष 2022-23 में विधानमंडल के कितने सदस्यों ने जिले के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ किसी कार्रवाई की संस्तुति की। यदि हां तो उस पर क्या कार्यवाही हुई। प्रशासन की तरफ से मौजूद नोडल अधिकारी व एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि वर्ष 2022-23 में जिले के किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ किसी भी सदस्य ने कार्रवाई करने की कोई भी संस्तुति नहीं की थी। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मौजूद वनाधिकारी ने यह जानकारी देकर सभी को चौकाया कि बीते साल 2022-23 में जिले में पौधरोपण के दौरान लगाए गए 93 फीसदी पौधे पूरी तरह सुरक्षित है।
जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय की स्थिति पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में बताया गया कि कार्यक्रमों, बैठकों में सभी जनप्रतिनिधियों को सम्मान पूर्वक आमंत्रित कर, उनका पूरा सम्मान किया जाता है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले पत्रों का अंकन भी अलग रजिस्टर में करने के साथ इस पर होने वाली कार्रवाई से भी अवगत कराया जाता है। मौजूद समिति के सदस्यों ने विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। बैठक में विधान परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंह सेंगर, अशोक अग्रवाल, पवन कुमार सिंह, कुंवर महराज सिंह, सत्यपाल सिंह, विजय बहादुर पाठक, सीडीओ अनिता यादव, एडीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अयोध्या नगरी की भव्यता को बढ़ाएं
बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि यह धरती भगवान श्रीराम की पवित्र जन्मभूमि है यहां पर आपको सेवा का अवसर मिला है इस अवसर का लाभ उठाएं। इस धरती के विकास में सभी विभाग समन्वय बनाकर इसकी भव्यता को बढ़ाएं ताकि अयोध्या नगरी विश्व की सर्वोत्तम नगरी में शुमार हो सके।