मौनी अमावस्या पर सोमवार को धर्मनगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भोर से ही सरयू के स्नान घाट स्नानार्थियों से पटे रहे। स्नान-दान के बाद प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। भीड़ के मद्देनजर सुबह से ही मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंधित रहा। सुरक्षा को लेकर पुलिस-पीएसी की तैनाती रही।
माघ मास के तेरस पर्व से ही नगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। मौनी अमावस्या पर्व को लेकर रविवार से ही नगरी में श्रद्धालुओं के भीड़ का जमाव होने लगा था। पर्व पर पतित पावनी सरयू में स्नान के लिए सोमवार भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।
स्नान व दान के बाद श्रद्धालुओं का रेला प्रमुख मंदिरों नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि, श्रीकालेराम आदि में दर्शन-पूजन के लिए लगा रहा। स्नान घाटों के साथ मंदिरों में देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। पर्व पर जुटने वाली भारी भीड़ को लेकर पुलिस प्रशासन ने एक दिन पूर्व ही कमर कस ली थी।
स्नान घाटों के साथ प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रही। भारी भीड़ से मार्गों पर उत्पन्न होने वाली समस्या के मद्देनजर यातायात प्रतिबंध सुबह से ही प्रभावी रहे। नयाघाट बंधा तिराहे और श्रीराम अस्पताल पर पुलिस बैरियर से टैंपो-टैक्सी व चार पहिया वाहन नगरी में प्रवेश नहीं कर सके।
हालांकि इन बैरियरों से इतर गली-कूचों के माध्यम से टैक्सी व चार पहिया वाहन मुख्य मार्ग पर पहुंच भीड़ के बीच दौड़ते रहे। हनुमानगढ़ी से दिगंबर अखाड़ा जाने वाले मार्ग पर नाली निर्माण व दंतधावन कुंड तिराहे से जैन मंदिर जाने वाले मार्ग सीवर लाइन निर्माण से पूरी तरह बंद रहे, जिससे यातायात बाधित रहा।
उधर गोसाईगंज में मौनी अमावस्या के अवसर पर पौराणिक स्थल श्रृगींऋषि आश्रम स्थित पवित्र सरयू में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ स्नान-दान व मंदिरों में दर्शन पूजन किया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।