सियासत के दांव-पेंच से गुजरकर जीत तो दर्ज करा ली है लेकिन जनप्रतिधि के प्रोटोकाल के लिए अभी दो से चार माह तक इंतजार करना पड़ेगा। वर्तमान जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत का कार्यकाल समाप्ति पर चुने गए पंचायत प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद ही वह इस अधिकार के अधिकारी होंगे। जिला पंचायत का कार्यकाल 13 जनवरी 2016 है तो क्षेत्र पंचायतों को कार्यकाल 17 मार्च 2016 को समाप्त हो रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत पंचायत प्रतिनिधियों को शपथ के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। जिले में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में 43 जिला पंचायत सदस्य और 1078 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुन लिए गए हैं लेकिन अभी उनको वैधानिक रूप से प्रोटोकाल के लिए इंतजार करना पड़ेगा। इसका कारण है कि जब तक चुने गए प्रतिनिधियों को संबंधित पंचायत के लिए शपथ नहीं दिलाई जाती तब तक वह आधिकारिक रुप से इसके हकदार नहीं माने जाते है।
यह अलग बात है कि व्यावहारिक रुप से व्यवस्था में लगे लोग चुने गए पंचायत प्रतिनिधियों का परिणाम आने के बाद सम्मान करते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह ने बताया कि चुने गए प्रतिनिधियों को वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही शपथ दिलाई जाएगी।
जिला पंचायत का कार्यकाल 13 जनवरी 2016 को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल समाप्ति के साथ ही इन चुने गए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। तब तक वर्तमान सदस्य ही सदन की बैठकों में भाग लेंगे। कार्यवाही में भाल लेंगे। इसी तरह जिले की क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 17 मार्च 2016 को समाप्त हो रहा है।
कार्यकाल समाप्ति के साथ ही उनको शपथ दिलाई जाएगी। तब वर्तमान सदन के सदस्य ही कार्रवाई में भाग लेंगे। इन चुने गए प्रतिनिधियों को तब तक प्रोटोकाल के साथ ही सदन की बैठकों में भाग लेने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।