रामनगरी के प्रसिद्ध चैत्र रामनवमी मेले के मुख्य पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी सरयू में डुबकी लगाई। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस बार जैसी भीड़ नहीं देखी। श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान-दान के बाद नागेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर रामजन्मोत्सव देखने कनक भवन की ओर आगे बढ़ी। इस दौरान प्रमुख मठ-मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। मेले में स्नान घाट से मंदिरों की चौखट तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
मेले के अंतिम पर्व राम नवमी पर नगरी में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुआें का जमावड़ा था। बुधवार को भोर से ही स्नान घाटाें से लेकर प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीरामजन्मभूमि, कालेराम मंदिर, श्रीराम बल्लभाकुंज, लवकुश मंदिर आदि मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भोर से शुरू हुआ यह क्रम देर शाम तक चलता रहा। प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं।
भीड़ का आलम यह रहा कि सरयू के स्नान घाट पर भोर से भारी भीड़ जुटी रही, यह क्रम दोपहर बाद तक चलता रहा। दूसरी ओर प्रमुख मंदिरों नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी व श्रीराम जन्मभूमि मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ देर शाम तक दर्शन-पूजन के लिए लगी रही। स्नानघाटों पर भोर से ही वैदिक मंत्रोच्चार गूंजते रहे। सूर्योदय होते ही घाटों पर उत्सव जैसा माहौल रहा।