सपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ मायूस बैठे मंत्री तेज नारायण पांडेय
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मंत्री पवन पांडेय को पहले भी मनोरंजन कर राज्यमंत्री रहते 2014 में बर्खास्त किया गया था। तब उन पर आरोप था कि 12 जून 2014 को खनन में पकड़े गए अपने विस क्षेत्र अध्यक्ष अशोक वर्मा व समर्थकों को बचाने के लिए आईपीएस प्रताप गोपेंद्र यादव से भिड़ गए थे।
सार्वजनिक तौर पर निपटने व हटाने का बयान दिए। मामले में आईपीएस एसोसिएशन की ओर कड़ा रुख अपनाने के बाद सीएम ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था। इधर, पार्टी से निकाले जाने के बाद पवन के घर पर बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा।
बाद में वे 11 बजे सपा के जिला कार्यालय पर मीडिया से मुखातिब हुए। मुलायम, अखिलेश, सपा, साइकिल जिंदाबाद के नारे से अपनी बात शुरू की। पार्टी के दो फाड़ होने पर किसके साथ रहेंगे? किसके साथ चुनाव लड़ेंगे? और दूसरे दल में जाने के सवालों पर कहा कि वह दलबदलू नहीं हैं।
यह पार्टी दो फाड़ भी नहीं होने जा रही है। 2017 के चुनाव में वह नहीं उतरते हैं तो भी साल 2012 से ज्यादा पार्टी को जिताने व अखिलेश को सीएम बनाने के लिए कार्य करेंगे। मुलायम सिंह उनके संरक्षक हैं और सीएम उनके नेता। बचपन से आज तक नेताजी का उनके ऊपर हाथ है।
अयोध्या का जितना विकास और निर्माण कार्य हुआ वह नेताजी व मुख्यमंत्री की देन है। उनके दिल दिमाग में हमेशा मुलायम, अखिलेश, पार्टी का झंडा और साइकिल रहती है, इन्हें कोई दिल से नहीं हटा सकता है। चुनाव लड़ना उनके लिए मायने नहीं रखता है।