फैजाबाद में रविवार को गुलाबबाड़ी में अमर उजाला के वोटर अड्डे में मौजूद महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
कोई सीवर सुविधा अभी तक न होने से परेशान है तो किसी को दर्द है कि अस्पताल, पार्किंग और बदहाल पार्कों का। नवाबों की नगरी फैजाबाद और धर्मनगरी अयोध्या का उसकी गरिमा के अनुसार विकास न हो पाने को लेकर लोगो में छटपटाहट है। जिले में एक पीवीआर व मॉल तक न होने से लखनऊ में खरीददारी व घूमने जाने की विवशता भी झलकी। अमर उजाला की ओर से रविवार की सुबह गुलाबबाड़ी में हुए वोटर अड्डा का माहौल कुछ यूं ही था।
एक महिला ने कहा कि यदि यहीं पर रोजगार के बेहतर संभावनाएं बन जाती पढ़ने-लिखने के बाद युवाओं को नौकरी के लिए महानगरों की ओर मजबूरी में नहीं जाना पड़ता। एक महिला का कहना था कि जिले में जगह-जगह कॉलेज खुल गए हैं।
वहां पर चमकदार बिल्डिंग है पर अच्छी फैकल्टी का अभाव है। जब अच्छी फैकल्टी ही नहीं है तो वहां के छात्रों की शिक्षा कैसे बेहतर होगी। बुजुर्गों के प्रति संवेदना का अभाव है जिसके कारण उनकी समस्याओं को हर स्तर पर इग्नोर किये जाने की प्रवृत्ति दिनोदिन बढ़ रही है।
एक महिला ने बताया कि गुलबबाड़ी में सबसे ज्यादा बुजुर्ग सुबह-शाम आते हैं लेकिन यहां का ट्रैक इतना खराब है कि दो-चार वृद्ध हर रोज फिसलते रहते हैं। जनप्रतिनिधियों के सर्वसुलभ नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इसके लिए एक व्यक्ति ने सलाह भी दी कि साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक कैंप आयोजित होने चाहिए जिसमें जनता अपने जनप्रतिनिधि के सामने समस्याओं को उठा तत्काल समाधान कर सके।
नवाबी नगर फैजाबाद और धर्मनगरी अयोध्या का उसकी गरिमा के अनुकूल विकास नहीं हो पाने का सवाल भी गूंजा। एक वक्ता ने सीवर लाइन की व्यवस्था अच्छी नहीं होने से जलजनित बीमारियों को बड़ी समस्या बताई। वोटर अड्डा में नगर पालिका पर भी सवालों के तीर खूब चले।
पार्किंग का ठेका देकर धन वसूल कर लेती है लेकिन पार्किंग स्थल के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराती है। ऐसे में ज्यों की गाड़ी किसी दुकान के सामने खड़ा करिए, तत्काल रसीद काट दी जाती है। आखिर इसमें नागरिक का क्या दोष? जब पार्किंग स्थल ही नहीं है तो वह गाड़ी कहां खड़ी करें?