अयोध्या। कोविड एल-2 अस्पताल बने राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में मंगलवार से ओपीडी सेवाएं बहाल होंगी। ओपीडी में इलाज कराने से पूर्व मरीजों का कोराना वायरस की जांच कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण काउंटर पर ही रिपोर्ट देखने के बाद मरीजों को आगे भेजा जाएगा। प्रिंसिपल डॉ. विजय कुमार ने सोमवार को विभागवार चिकित्सकों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर को 200 बेड का कोविड एल-2 अस्पताल बनाया गया है। कोरोना की दूसरी लहर प्रभावी होने के बाद यहां भी ओपीडी सेवाएं महीनों से बंद चल रही हैं। इधर, संक्रमण थमने के बाद जिला स्तरीय अस्पतालों में सर्जिकल ओपीडी प्रारंभ हो गई है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में अभी तक सेवाएं शुरू नहीं हो सकी थीं।
मरीजों की जरूरतों को देखते हुए मंगलवार से यहां भी ओपीडी संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विभागवार चिकित्सकों के साथ सोमवार को बैठक करके कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए ओपीडी संचालित करने का निर्णय लिया गया है। मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि मंगलवार से सभी विभागों की ओपीडी शुरू की जाएगी।
शुरुआती दौर में 50 से 100 मरीजों तक ही देखा जाएगा। उसके लिए भी मरीजों को कोरोना का एंटीजन या आरटी-पीसीआर जांच कराना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट दिखाने पर ही पंजीकरण काउंटर से पर्चा बन पाएगा। बताया कि सोमवार से ऑपरेशन की सुविधाएं भी संचालित करने की तैयारी की जा रही है। जांच आदि के संबंध में माइक्रोबायलोजी विभाग से बातचीत की जा रही है।
प्रिंसिपल डॉ. विजय कुमार ने बताया कि ओपीडी शुरू करने के लिए सोमवार को मेडिकल कॉलेज के सीएमएस व अन्य चिकित्सकों के साथ बैठक करके रूपरेखा तय की गई है। कोरोना मानकों को ध्यान में रखते हुए मंगलवार से ओपीडी शुरू की जाएगी। इसके बाद सोमवार से ओटी भी संचालित करने की तैयारी की जा रही है।